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अपराधियों को देखते ही सीसीटीवी कैमरा अलर्ट करेगा

पमरे: जबलपुर सहित प्रमुख रेलवे स्टेशनों में वीडियो सर्विलांस सिस्टम से होगी निगरानी 5 स्टेशनों में मजबूत होगी सुरक्षा

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CCTV camera

जबलपुर.
जबलपुर सहित पश्चिम मध्य रेल के 15 रेलवे स्टेशन जल्द आधुनिक वीडियो सर्विलांस सिस्टम की जद में आएंगे। इसके बाद फेशियल रिकॉगनिशन साफ्टवेयर की मदद से अपराधियों की पहचान हो सकेगी। स्टेशन में अपराधी देखते ही सीसीटीवी कैमरा के जरिए सुरक्षा एजेंसी को अलर्ट का मैसेज मिल जाएगा।
रेलवे स्टेशनों में मजबूत सुरक्षा के लिए पश्चिम मध्य रेल में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक की मदद ली जाएगी। इसकी मदद से तैयार नेटवर्क अपराधियों का चेहरा देखते ही उनकी पहचान कर लेगा। स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से जुड़े आरपीएफ कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट का मैसेज आएगा। इससे अपराधियों की धरपकड़ आसान होगी।

यात्रियों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी। इस योजना पर पमरे में काम शुरू हो गया है। पहले चरण में 15 रेलवे स्टेशन पर वीडियो सर्विलांस सिस्टम (वीएसएस) लगाने की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इस सिस्टम में 4 प्रकार के आईपी कैमरे (डॉम टाइप, बुलेट टाइप, पैन टिल्ट जूम टाइप और अल्ट्रा एचडी-4के) लगाए जाएंगे। इनसे अंधेरे में भी संदिग्ध चेहरे पहचाने जा सकेंगे। वीडियो फीड की रिकॉर्डिंग 30 दिन तक सुरक्षित रहेगी।
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ये स्टेशन शामिल
भोपाल मंडल : रानी कमलापति, होशंगाबाद, बीना, विदिशा।

जबलपुर मंडल : जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा, दमोह, सागर, पिपरिया।
कोटा मंडल : कोटा, भरतपुर, सवाईमाधोपुर।

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निर्भया फंड से अपडेशन

रेलवे स्टेशनों पर अभी जो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं वह ज्यादा प्रभावी नहीं है। इन्हें ही निर्भया फंड से वीएसएस में अपडेट किया जा रहा है। वीएसएस को स्टेशन में प्रतीक्षालय, आरक्षण काउंटर, पार्किंग क्षेत्र, मुख्य प्रवेश निकास, प्लेटफार्म, फुट ओवर ब्रिज, बुकिंग कार्यालय सहित ज्यादा आवाजाही वाली जगहों पर इंस्टॉल किया जाएगा।
ऐसे करेगा काम

वीएसएस सिस्टम आईपी बेस्ड होगा। इसमें सीसीटीवी कैमरों का एक नेटवर्क होगा। ये सीसीटीवी कैमरे ऑप्टिकल फाइबर केबल पर काम करेंगे। सीसीटीवी कैमरों की वीडियो फीडिंग को स्थानीय आरपीएफ पोस्टों के साथ मंडल और जोनल स्तर पर सेंट्रलाइज सीसीटीवी कंट्रोल रूम में भी देखा जा सकेगा। इस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इनेबल वीडियो एनालिटिक्स सॉफ्टवेयर और फेसियल रिकॉगनिशन सॉफ्टवेयर काम करता है। इससे जाने-पहचाने अपराधियों का स्टेशन परिसरों में आने पर, उनका पता लगाने तथा उसका अलर्ट जारी करने में मदद मिलेगी।