जबलपुर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश की जीवन रेखा मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में पूजा-अर्चना कर 144 दिवसीय नमामि देवी नर्मदा सेवा यात्रा की शुरुआत की। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री समेत अनेक साधु-संत, जनप्रतिनिधि शनिवार को ही पवित्र नगरी अमरकंटक पहुंच गए थे।
नर्मदा के उद्गम स्थल से सीएम गुजरात सीएम सहित मंच पर कलश यात्रा के साथ पहुंचे। मंच पर नौ कन्याओं का पूजन करने के बाद सीएम ने साधु संतों के बीच मंच से कहा, ना सिर्फ राजनेताओं बल्कि आमोखास की भागीदारी से ही संभव होगा। नर्मदा की स्वच्छता हम सब की जिम्मेदारी है।
रेत उत्खनन से तुझे छलनी किया, हम अपराधी हैं मां- मुख्यमंत्री
कार्यक्रम में सीएम ने रेवा मैया को दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम किया और नर्मदा को प्रदूषण मुक्त करने संकल्प लिया। उन्होंने कहा, मेरा गांव नर्मदा के तट पर है। मेरा बचपन नर्मदा की गोद में बीता। किंतु अब मन में तकलीफ होती है नर्मदा मैया ग्लेशियर से नही निकलती। अब नर्मदा का जल सूखता जा रहा है। हे रेवा मां, हम अपराधी हैं तेरे, हमने तेरे तटों को गंदा करने का काम किया। हम बेशर्म हो गए और गंदा पानी नर्मदा मैया की गोद में जाता रहा। मां हम अपराधी हैं रेत का उत्खनन कर तुझे छलनी करने का काम किया है। तुम पवित्र हो हमारे पापों के कारण तुम्हारा जल मेला हुआ है। आज हम तेरे चरणों में आए हैं। ये यात्रा हम खुद को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। ये यात्रा केवल एक कर्मकाण्ड नही है। ये समाज की यात्रा है। सीएम ने जनता को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया।

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गुजरात वासियों की ओर से भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, मां नर्मदा ने गुजरात का विकास किया। सीएम शिवराज सिंह की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, गुजरात में भी अभियान की शुरूआत की जाएगी। हम इस देश की समस्त नदियों को मां के रूप में देखते हैं। ये अद्भुत है कि दुनिया में सिर्फ हम नदियों के प्रवाह को मां मानते हैं। नर्मदा का हर कंकड़ शंकर होता है। उन्हें अपने जीवन में समाहित कर लें। अभियान चलाए जा रहे हैं लेकिन जरूरी है कि वे सफल हों।