
Government ITI, jabalpur
जबलपुर. प्रशिक्षण के बाद जब युवा किसी उद्योग में जॉब के लिए जाएंगे तो उन्हें वहां लगी मशीनें नई नहीं लगेंगी। यह इसलिए क्योंकि शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र (आइटीआई) में 20 करोड़ रुपए कीमत वाली सीएनसी और विभिन्न् ट्रेड के लिए आधुनिक मशीनें लगाई जा रही हैं। इनके लिए आधुनिक शेड बनाए गए हैं। इसी प्रकार ड्रोन टेक्नालाॅजी पर भी जोर दिया जा रहा है।
सभी नए उद्योगों में अब नई और अत्याधुनिक मशीनें लग रही हैं। क्योंकि तकनीक लगातार अपडेड हो रही है। इसलिए जब आईटीआई जैसी संस्थाओं से प्रशिक्षण के उपरांत युवा निकलते हैं तो उन्हें इन उद्योगों में काम करने में परेशानी जाती है। इसकी वजह इन संस्थानों में पुराने जमाने की मशीनों का होना है। अब इन्हें बदला जा रहा है। नहीं तो आज से दो साल पहले तक जो मशीनें थीं, वे कई दशक से इस्तेमाल हो रही थीं।
नया भवन तैयार किया
आईटीआई में मूल रूप से उद्योगों को उनकी जरुरत के हिसाब से कुशल कर्मचारी तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी आधार पर प्रशिक्षण प्राप्त युवा निजी और सरकारी कारखानों में काम करते हैं। लेकिन अब यह मशीनें बीते जमाने की हो गई हैं। नई मशीनाें की जरुरत का ध्यान रखते हुए प्रदेश शासन की एशियन डेवलपमेंट बैंक के माध्यम से शासकीय संभागीय आईटीआई जबलपुर कैंपस में अत्याधुनिक मशीन एवं उपकरणों से सुसज्जित नया भवन तैयार किया गया है।
शुरू हो चुका है प्रवेश, 26 तक मौका
नई मशीन और शेड का लाभ इस वित्तीय वर्ष में प्रवेश लेने वाले छात्र एवं छात्राओं को मिलेगा। संभागीय आईटीआई में 26 ट्रेडों में 1 हजार 312 छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा। 2 जून से यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 26 जून प्रवेश लेने की अंतिम तिथि तय की गई है। ज्ञात हो कि यहां पर तीन तरह के कोर्स चलाए जाते हैं। इनमें छह माह, एक वर्ष और दो वर्ष के सर्टिफिकेट कोर्स का संचालन किया जाता है।
इन ट्रेड की आई नहीं मशीन
बेल्डर, टर्नर, मशीनिस्ट, टूल एंड डाइ, मोटर मैकेनिक, टेस्टर मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, शीट मैटल, मैटल जनरल, इलेक्टि्रक मशीन। इसमें चार सीएनसी मशीन हैं। एक पहले से थी। अब कुल पांच मशीनें हो गई हैं। इसके अलावा 38 करोड़ रुपए की लागत से नई इमारत और शेड तैयार किए जा रहे हैं। इसमें 300 कम्प्यूटर वाली लैब भी शामिल हैं। इसमें 138 कम्पयूटर स्थापित हो चुके हैं। इनका इस्तेमाल परीक्षाओं में किया जा रहा है।
सिखाई जा रही ड्रोन की असेंबलिंग
ड्रोन से कई प्रकार के काम हो रहे हैं। यह केवल निगरानी रखने या फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी का उपकरण नहीं रह गया है। खेती से लेकर दूसरे ऑपरेशन इससे हो रहे हैं। इसलिए आईटीआई में ड्रोन टेक्नालॉजी का कोर्स शुरू किया गया है। इसके तहत ड्रोन तकनीशियन का सर्टिफिकेट दिया जाता है। इसमें उसे असेंबल करने से लेकर डिस्मेंटल करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
छात्र-छात्राओं को आधुनिक मशीनों पर प्रशिक्षण देने का प्रयास किया जा रहा है। अभी 20 करोड़ की लागत से नई मशीनें आई हैं। इसी प्रकार 38 करोड़ रुपए कीमत की इमारतों का निर्माण किया जा रहा है।
सुनील कुमार ललावत, प्राचार्य, शासकीय संभागीय आईटीआई
Published on:
25 Jun 2023 09:59 pm
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