
Leopard Footprints
जबलपुर. वेटनरी कॉलेज परिसर में तेंदुआ के आने की पुष्टि अब स्माल एनिमल रिसर्च की लैब में लगे कैमरों के मार्फत हो गई है। फिलहाल वन विभाग ने एहतियातन कैमरे के अलावा, जाल, पिंजरा समेत सभी उपकरण रखे हैं। वेटनरी विश्व विद्यालय के वाइल्ड लाइफ कॉलेज एक्सपोर्ट ने तेंदुआ के बेहोश करने के उपकरण भी तैयार किए हैं। हालांकि मंगलवार की सुबह दोनों विभाग के हाथ कुछ न लगा था। पड़ताल भी तकरीबन बंद कर दी गई थी।
बता दें कि वेटनरी कॉलेज में सोमवार की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब कुछ लोगों ने परिसर में तेंदुए के पदचिन्ह देखे। तेंदुए का पदचिन्ह डीन के बंगले के पास देखा गया। ऐसा दिखते ही लोग दहशत में आ गए। डीन डॉ आर के शर्मा ने तत्काल वाइल्ड लाइफ को इसकी सूचना देते हुए उन्हें तत्काल मौके पर आने का आग्रह किया। तेंदुएं के पद चिन्ह जहां दिखे थे उसके आसपास के इलाको में छानबीन की गई। प्रारंभिक जांच में यह बताया गया है कि यह पद चिन्ह तेंदुए के ही हैं।
जांच पूरी रात जारी रही। इसके लिए खास कैमरों का इस्तेमाल किया गया। स्माल एनिमल रिसर्च की लैब में लगे कैमरों में तेंदुआ की तस्वीर कैद हो गई। हालांकि यह तस्वरी रविवार रात की है। इसके बाद वन विभाग की टीम ने सोमवार की रात वेटरनरी कॉलेज की बाउंड्रीवॉल और सर्किट हाउस के आसपास 6 कैमरे लगाए थे। सुबह इन कैमरों में कैद तस्वीरों की जांच की गई तो किसी तरह की तेंदुआ की तस्वीर सामने नहीं आई है। ऐसे में वन विभाग का कहना है कि तेंदुआ अब यहां से जा चुका है।
कैमरों में दिखी तस्वीर के आधार पर वेटरनरी कॉलेज के डीन डॉ आरके शर्मा ने बताया कि तेंदुआ की उम्र तकरीबन 2 साल है। उन्होंने यह भी तस्दीक किया कि तेंदुआ फिलहाल परिसर से जा चुका है। लेकिन 2 दिन पूर्व सामने आए विभाग की कैमरे की रिकार्डिंग के बाद यह पुष्ट होता है कि वह परिसर में आया था।
कॉलेज ने अपने सभी छात्रों, अधिकारी, कर्मचारियों को सतर्क रहने को कहा है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि भले ही तेंदुआ यहां से चला गया हो लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से रात के वक्त अकेले न निकले और सुबह भी सतर्क रहें। इस बीच वन विभाग की टीम कॉलेज सर्किट हाउस समेत आसपास के सभी इलाकों को सर्च कर रही है।
Updated on:
27 Oct 2020 02:54 pm
Published on:
27 Oct 2020 02:54 pm
