
constable recruitment scam of special forces india MP STF latest news
जबलपुर। मध्यप्रदेश में आरक्षक भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत छठी बटालियन में शारीरिक परीक्षा के दौरान हुए फर्जीवाड़े के खुलासे की जांच में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। ये पूरा फर्जीवाड़ा दिल्ली स्थित पैरामाउंट कोचिंग से संचालित हो रहा था। फतेहाबाद का जीतू चाहर इस गैंग का सरगना है। उसने अब तक सॉल्वर और फर्जी दस्तावेजों की मदद से यूपी, राजस्थान व एमपी की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को सफल करा चुका है। एसआईटी की टीम जीतू को दबोचने की कवायद कर रही है। पुलिस की मानें तो जीतू की गिरफ्तारी से इस मामले में बड़ा खुलासा होगा।
कराता था साठगांठ
आरक्षक फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसआईटी सूत्रों के मुताबिक जीतू चाहर ही विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सॉल्वर और आवेदक की सांठगांठ कराता था। उसने यूपी हाईकोर्ट में फरेंद्र सिंह निवासी बड़ेगांव आगरा की भर्ती भी इसी तरह कराई। इसके अलावा इस गिरोह ने आर्मी में भी इसी तरह भर्ती कराई। इसमें आर्मी से रिटायर्ड सुनील बरुआ व दीपक बरुआ का नाम सामने आया है। दीपक बरुआ राजस्थान का रहने वाला है। जीतू से उसकी मुलाकात उसके श्वसुर राजेंद्र बरुआ के माध्यम से हुई थी।
ट्रेनिंग के दौरान पकड़े गए
10 दिसम्बर को छठी बटालियन में आरक्षक शारीरिक परीक्षा के दौरान योगेश गुर्जर व मनीष को पकड़ा गया था। इसके तीसरे दिन राहुल गुर्जर व राहुल पांडे गिरफ्तार हुआ। पूछताछ में पता चला कि फर्जीवाड़े में 23वीं बटालियन, भौरी ट्रेनिंग सेंटर के एसआई सहित कई शामिल हैं। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित हुई है। इसमें एसटीएफ को तकनीकी सहयोग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हां फैले हैं इस गिरोह के तार
आरक्षक फर्जीवाड़ें के तार जबलपुर के अलावा मथुरा, आगरा, इटावा व मैनपुरी, भिंड, भोपाल, दिल्ली, फतेहाबाद तक फैला हुआ है। एसआईटी को लक्की, हरिओम शर्मा, सत्यम कटियार, विशाल भदौरिया व राकेश यादव की भी तलाश है।
Published on:
20 Dec 2017 10:55 am
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