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देर रात मिला था आदेश, ‘अनुज जिस बेड पर भर्ती है, वहीं उसे परीक्षा देने दें’

- अनुज ने कलेक्टर को भेजा था आवेदन....- रुक जाना नहीं योजना के तहत डेढ़ लाख विद्यार्थियों ने दी परीक्षा

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जबलपुर। मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा 'रुक जाना नहीं योजना' के तहत दसवीं व बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षा सोमवार से शुरू हुई। इसमें प्रदेश भर से डेढ़ लाख विद्यार्थी शामिल हुए। इस परीक्षा में वे विद्यार्थी शामिल हुए, जो माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा में फेल हुए थे। इस परीक्षा में जबलपुर के 12वीं के एक छात्र ने अस्पताल के बेड पर ही परीक्षा दी। बता दें कि इस छात्र का नाम है अनुज पटेल।

देना चाहता था परीक्षा

अनुज कोरोना पॉजिटिव हैं और सुख सागर मेडिकल कॉलेज के कोविड सेंटर में भर्ती हैं। बता दें कि सोमवार को शुरू हुई रुक जाना नहीं योजना के तहत शुरू हुई परिक्षाओं में अनुज को भी परीक्षा देनी थी लेकिन वो अस्पताल में भर्ती था। इसके बावजूद अनुज परीक्षा देना चाहता था। इसके लिए अनुज ने कलेक्टर को आवेदन भी भेजा। इस आवेदन में अनुज ने लिखा था कि वो इस परीक्षा में बैठना चाहता है।

जारी किया गया आदेश

यह बात जब मप्र राज्य ओपन स्कूल बोर्ड तक पहुंची तो बोर्ड के डायरेक्टर पीआर तिवारी ने जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश जारी किया। इस मामले में रविवार देर रात आदेश जारी किया कि अनुज जिस बेड पर भर्ती है, वहीं उसे परीक्षा देने दें। परीक्षा के दौरान अस्पताल के इंचार्ज डॉक्टर को परीक्षा केंद्र अध्यक्ष बनाएं और नर्स को पर्यवेक्षक। जिसके बाद अनुज ने अस्पताल के बेड पर ही अपनी परीक्षा दी।

वहीं बात राजधानी भोपाल की करें तो यहां पर 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। दो पाली में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। दसवीं की परीक्षा सुबह 8 से 11 बजे तक और बारहवीं की दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक हुई। परीक्षा केंद्रों पर कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए थे।