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10 साल की मांग होगी पूरी, 6 माह में बिछेगा हॉकी एस्ट्रोटर्फ

खेल विभाग के संचालक ने किया रानीताल खेल परिसर का  दौरा

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Abhishek Dixit

Dec 21, 2016

Hockey

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जबलपुर। रानीताल खेल परिसर में हॉकी एस्ट्रोटर्फ का निर्माण 6 माह में पूरा हो जाएगा। टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। मध्य प्रदेश तीरंदाजी एकेडमी के खिलाडि़यों के लिए सुविधाओं में विस्तार किया जाएगा। यह जानकारी मप्र खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक उपेन्द्र जैन ने पत्रिका से बातचीत में दी। खेल संचालक ने रानीताल सहित दूसरी जगहों पर स्थित खेल मैदानों का निरीक्षण किया।

रानीताल इनडोर स्टेडियम में कुछ समय पहले नया सरफेस लगाया गया है। खेल अधिकारी राजेश मनोध्या ने बताया कि छत से पानी टपकने के कारण सरफेस खराब होने की आशंका है। छत पर लगी पूरी टीन को बदलने की बात कही है। इस दौरान मप्र तीरंदाजी संघ के सचिव डीके विद्यार्थी, पीआईयू और एलयूएन के अधिकारी मौजूद रहे।

खेल संचालक ने मप्र तीरंदाजी एकेडमी के खिलाडि़यों के आवास एवं प्रशिक्षण स्थल का भी निरीक्षण किया। साथ ही डे बोर्डिंग और हॉस्टल स्कीम के खिलाडि़यों से चर्चा की। मुख्य कोच रिचपाल सिंह सलारिया ने बताया कि एकेडमी के लिए अतिरिक्त कमरों की जरूरत है। प्रथम तल पर बने कमरों में सुधार और भूतल और दूसरी मंजिल पर भी व्यवस्थाएं करने की बात कही गई।

यह है एस्ट्रोटर्फ
- एस्ट्रोटर्फ दरअसल कृत्रिम घास का मैदान है। आमतौर पर मैदान प्राकृतिक घास के होते हैं। कृत्रिम घास विशेष प्रकार के पदार्थों से बनी होती है।
- अब राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाएं एस्ट्रोटर्फ पर होती हैं। इसके निर्माण से राष्ट्रीय कैम्प तथा प्रतियोगिताएं होनी संभव हो जाएंगी।

ये है खास
- निर्माणधीन वॉलीबॉल कोर्ट की फैंसिंग और फ्लडलाइट मंजूर।
- बॉक्सिंग रिंग का विस्तार होगा, बैठक व्यवस्था बढेग़ी।
- वेलोड्रम के चैंजिंग रूम के दरवाजे बदले जाएंगे।
- एकेडमी का डे्रनेज सिस्टम सुधरेगा।
- तीरंदाजों के लिए अलग से बनेगा चैजिंग एवं स्टोर रूम।
- आधा दर्जन कमरों का रेनोवेशन होगा।

10 साल से मांग
- एस्ट्रोटर्फ की मांग पिछले 10 वर्ष से चल रही है। केंद्र सरकार की योजना के तहत
- वर्ष 2011-12 में इसे स्वीकृति मिली। इसके लिए 4.81 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए। पहली किस्त 3.62 करोड़ की मिली।
- वर्ष 2012 से निर्माण शुरू। बीच में विवाद के कारण काम रुका तो अभी तक पूरा नहीं हुआ।

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