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ट्रांसपोर्ट नगर प्लाॅट आवंटन मामले की जांच सम्भागीय आयुक्त करेंगे

मप्र हाईकोर्ट का निर्देश      

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rajasthan high court

MP High Court

जबलपुर। चंडालभाटा ट्रांसपोर्ट नगर में प्लाॅट आवंटन मामले में हाईकोर्ट ने सम्भागायुक्त को जांच के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश शील नागू व न्यायाधीश हृदेश की युगल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। युगलपीठ ने कहा कि सम्भागायुक्त अपनी रिपोर्ट निगमायुक्त को सौपेंगे। निगमायुक्त प्लॉट पर कब्जेधारियों और अतिक्रमणकारियों को हटाने के बाद सम्भागायुक्त की रिपोर्ट के अनुसार वास्तविक हकदार को प्लॉट का आवंटन करें। कोर्ट ने इसके लिए चार माह का समय दिया है।

ट्रांसपोर्ट नगर के प्लाॅट आवंटन मामले में ट्रांसपोर्ट नगर व्यापारी संघ समिति के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल और जबलपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट (टेक्नीक) एसोसिएशन के सचिव हरी सिंह ठाकुर व अन्य की ओर से याचिकाएं दायर की गई थीं। इससे पहले नगर निगम के इस्टेट ब्रांच की छह सदस्यीय समिति ने 577 प्लॉट की जांच की। इनमें से 572 निगम के और पांच मप्र लघु उद्योग निगम के हैं। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में प्लॉट नंबर, क्षेत्रफल, कब्जाधारी और आवंटी के नाम का उल्लेख किया है।

निगम की उक्त रिपोर्ट पर कई आपत्तियां उठाई गईं। कुछ आपत्तिकर्ताओं का कहना है कि उक्त संगठनों के जिन पदाधिकारियों ने याचिकाएं दायर की हैं, वे वैधानिक ऑफिस बियरर्स नहीं हैं। यह आपत्ति भी ली गई कि निगम की रिपोर्ट में कई ऐसे आवंटियों के नाम हैं, जो उसके सही हकदार नहीं हैं। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले का अंतिम निराकरण कर दिया।

पत्नी व बेटे को जलाकर मारने पर उम्रकैद

जिला सत्र न्यायाधीश आलोक अवस्थी की अदालत ने पत्नी व बेटे को जलाकर मारने के आरोपी जबलपुर निवासी रंजीत गौड़ का दोष सिद्ध पाया। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोहरे हत्याकांड को बेहद गम्भीरता से लेकर फैसला सुनाया।

अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक अशोक पटेल ने बताया कि पनागर थानातंर्गत मोहनिया गांव निवासी रंजीत गौड़ ने 18 फरवरी, 2020 को खाना बनाने की बात पर पत्नी रामरति से झगड़ा किया। उसके बाद मारपीट की। रामरति गुस्से में अपने तेरह माह के बेटे आरव को लेकर मायके जाने के लिए घर से बाहर निकली। उसी समय रंजीत उन्हें पकड़कर घर के अंदर ले गया और केरोसिन उड़ेलकर रामरति व आरव को आग लगा दी। मां-बेटे दोनों को गम्भीर हालत में मेडिकल में भर्ती कराया गया था। उपचार दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया।