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pm modi का दीवाली गिफ्ट, उछाल मार रहा यहां का बाजार

काउंसिल के निर्णय का असर दिखने लगा बाजार पर, शहर के ८० फीसदी व्यापारी कर के दायरे मेंवैट के पैटर्न पर जीएसटी, २० हजार कारोबारियों को राहत

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pm modi

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जबलपुर. जीएसटी काउंसिल के बदलाव का असर बाजार में दिखना शुरू हो गया है। शहर के कारोबारियों का मानना है कि त्योहारी सीजन में कारोबार को नई ऊंचाइयां मिल सकेंगी। प्रत्येक माह की जगह अब तीन महीने में रिटर्न भरने के नियम में संशोधन को वह वैट की तरह देख रहे हैं। वैट में भी रिटर्न की यही प्रक्रिया थी। शहर में भी करीब ८० फीसदी व्यापारी हैं जो इस दायरे में आते हैं। इसी तरह कंपोजीशन स्कीम की सीमा भी ७५ लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए किए जाने को भी वह बेहतर कदम मान रहे हैं। शहर में काउंसिल के निर्णयों का बड़ा असर देखने को मिला। ज्यादातर कारोबारियां को रिटर्न भरने में दिक्कतें हो रही थीं। अधिकतर मौकों पर जीएसटी का पोर्टल काम ही नहीं करता। इस कारण रिटर्न भरने में कारोबारियों को मुसीबत उठानी पड़ रही है। अब उन्हें इसके लिए समय मिल सकेगा। गौरतलब है कि काउंसिल ने १.५० करोड़ तक वार्षिक टर्नओवर वाले कारोबारियों को रिटर्न भरने की समयसीमा तीन माह कर दी है।


बढेग़ा सराफा कारोबार
जबलपुर सराफा एसो. के प्रवक्ता अनूप अग्रवाल ने बताया, शहर के प्रमुख व्यवसायों में सराफा कारोबार भी है। ५० हजार रुपए से ज्यादा की खरीदी पर पैन कार्ड की अनिवार्यता से बिक्री प्रभावित हो रही थी। अब २ लाख रुपए तक के गहने खरीदने पर पैन कार्ड देना जरूरी नहीं होगा।


सभी ने किया स्वागत
टैक्स बार एसोसिएशन के महासचिव शिशिर नेमा के मुताबिक छोटे कारोबारियों के लिए कौंसिल के निर्णय अच्छे साबित होंगे। हम लगातार पत्रों के माध्यम से इन मांगों से सरकार को अवगत करवा रहे थे। टैक्स फ्री वस्तुओं पर कंपोजीशन टैक्स में भी छूट मिलना चाहिए। सेवा क्षेत्र में भी कंपोजीशन स्कीम लाई जाती है तो बेहतर होगा। जबलपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हिमांशु खरे बताते हैं कि इन निर्णयों से बाजार में मंदी दूर होगी। कपड़ा, रेस्टारेंट और आभूषण क्षेत्र में दी गई राहत बाजार में उठाव लाएंगी। छोटे कारोबारियों को रिटर्न जमा करने में अब उतनी परेशानी नहीं जाएगी। महाकोशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रवक्ता शंकर नाग्देव के अनुसार यह सरकार का अच्छा कदम है। व्यापारी को इसमें लाभ होगा। कंपोजीशन स्कीम में एक करोड़ तक का टर्नओवर करने वाले कारेाबारियों को शामिल करना बेहतर है। रिटर्न भरने में पहले की तुलना में कम तकलीफ होंगी। अभी कई तरह की जटिलताएं हैं। उन्हें दूर किया जाना चाहिए। कर सलाहकार परेश वर्मा कहते हैं कि रिटर्न भरने में काफी समय लगता है। कई औपचारिकताएं हैं जिन्हें पूरी करनी पड़ती है। यह इतना आसान नहीं होता है। जीएसटी कौंसिल ने जो निर्णय लिए हैं उससे काफी सुधार होगा। सबसे बड़ी राहत यह है कि अब एकही फॉर्म से जीएसटी फाइल की जा सकेगी।