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जबलपुर। जबलपुर और नागपुर के बीच जल्द ही डबल डेकर बसें नजर आएंगी। प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और सागर से भी ऐसी लक्जरी बसें चलाने की कवायद की जा रही है। केंद्र सरकार का सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देशभर के 75 रूटों पर इसके लिए अध्ययन पूरा कर लिया है। इन रूटों में जबलपुर और नागपुर रूट भी शामिल है। योजना के स्वीकृत होने के बाद शहर को पहली बार डबल डेकर बसों की सौगात मिलेगी।
कम पाई गईं बसों की संख्या-जबलपुर-नागपुर के बीच इस समय करीब तीन दर्जन बसें चलाई जा रही हैं। इन दोनों शहरों के बीच अब तक सड़क मार्ग ही आवागमन का बेहतर साधन है। जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज परियोजना का काम पूरा होने के बाद स्थिति में बदलाव आएगा, लेकिन फिलहाल बसें ही कम समय में यात्रियों को इन दोनों शहरों तक पहुंचा रही हैं। केंद्र की ओर से कराए गए अध्ययन में दोनों शहरों के बीच बसों के संचालन की संख्या कम पाई गई है।
एेसी ही स्थिति भोपाल, इंदौर, ग्वालियर व सागर को लेकर भी पाया गया है।
ऐसे रूटों का किया गया निर्धारण
भारतीय यातायात आंकड़ा सर्वेक्षण और प्रमुख कॉरीडोर को कवर करने वाले टोल डेटा का आंकलन करने के बाद ये रूट निर्धारित किए गए हैं।
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय अपने इस प्रोजेक्ट के लिए वल्र्ड बैंक से सहायता लेगा। इस प्रोजेक्ट की जानकारी गुरुवार को सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री मनसुख एल मडाविया ने लोकसभा में भी दी है।
इन शहरों के बीच चलेंगी
ग्वालियर-भोपाल
भोपाल-देवास-इंदौर
इंदौर-धुले-नासिक
भोपाल-उज्जैन
सागर-वाराणसी
जबलपुर-नागपुर
ग्वालियर-झांसी-सागर
हाइवे पर धीमी पड़ी परिवहन की चाल
बढ़ती ठंड और कोहरे की वजह से रेल, रोड ट्रांसपोर्ट पर खास असर देखने मिल रहा है। हाइवे पर जहां सुबह और रात में बसों की संख्या में कमी देखने मिल रही है तो वहीं ट्रेनें धीमी गति से चल रही हैं।
Published on:
22 Dec 2017 02:20 am
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