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Ambedkar ने जैसे दलितों को न्याय दिलाया, वैसे ही यह कानून बच्चियों को बचाएगा

'दुराचारियों को फांसी वाले विधेयक को दिलाएंगे राष्ट्रपति की मंजूरी

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Dr B R Ambedkar

Dr B R Ambedkar

जबलपुर. संविधान के निर्माता डाक्टर बीआर अंबेडकर को आज देशभर में याद किया जा रहा है। उनकी जयंती पर राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को रेखांकित किया जा रहा है। महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में उनकी जयंती मनाई जा रही है, अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संविधान निर्माता की स्मृति में प्रदेश में भी कई आयोजन हो रहे हैं। इसी मौके पर प्रदेश सरकार बच्चियों को उनका हक दिलाने का बड़ा अहम कानून लाई है। इस कानून के बारे में भाजपा जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर जानकारी दे रही है। जबलपुर में भी भाजपा की महिला मोर्चा पदाधिकारियों ने इस अहम कानून के बारे में विस्तार से बताया।


फांसी के फं दे पर लटकें गे दुराचारी
भाजपा महिला मोर्चा ने इस कानून के बारे में बताने के लिए प्रेस कान्फे्रंस रखी। प्रेस वार्ता में भाजपा महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष अश्विनी परांजपे राजवाड़े ने बताया-'बेटियों के साथ दुराचार करने वाले फांसी के फं दे पर लटकें गे। दंड विधि (मप्र संशोधन) विधेयक २०१७ पारित होने से मासूमों को न्याय मिलेगा। १२ साल तक की उम्र की बच्चियों के साथ दुराचार करने वालों को फ ांसी की सजा देने का प्रावधान लाने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। इस विधेयक को राष्ट्रपति से मंजूरी दिलाने का हरसम्भव प्रयास किया जाएगा।Ó


अर्थदंड भी बढ़ाया
भाजपा नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर ने कहा कि दुष्कर्म करने वालों पर फांसी की सजा देने का प्रावधान करने के साथ ही विधेयक में कई और नए प्रावधान किए गए हैं। महिला मोर्चा की सुषमा जैन ने बताया कि ये भी प्रावधान किया गया है कि स्त्री को निर्वस्त्र करने के उद्देश्य से हमला करने पर एक लाख रुपए तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है। प्रेस वार्ता में भाजपा के नगर महामंत्री राजेश मिश्रा, शिवराम बेन, डिप्पी विश्वकर्मा व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थीं। इस कानून के बारे में भाजपा जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर जानकारी दे रही है।