
ED raid at Bishop PC Singh house
जबलपुर। द बोर्ड ऑफ एजुकेशन चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया जबलपुर डायोसिस के चेयरमैन बिशप पीसी सिंह के पास कई देशों का स्थायी वीजा है। यह वीजा दस से 12 साल तक के लिए है। यह खुलासा ईओडब्ल्यू की जांच में हुआ। प्राथमिक पूछताछ में पीसी सिंह ने बताया कि उसके पास लंदन का दस सालों का वीजा है। इसी वीजा के उपयोग कर वह 26 सितंबर को लंदन जाने वाला था। वहां मिशनरी संस्था की एक मीटिंग में उसे शामिल होना था। बिशप सिंह को ईओडब्ल्यू ने नागपुर से गिरफ्तार किया था, जिसे रिमांड पर लेकर गोरखपुर थाने में रखा गया था। मंगलवार सुबह दस बजे टीम फिर गोरखपुर थाने पहुंची और उसे कटंगा स्थित कार्यालय ले गई, जहां दिनभर पूछताछ की गई। बिशप पीसी सिंह की तरफ से कई अधिवक्ता भी मौजूद रहे। शाम को फिर उसे गोरखपुर थाने भेज दिया गया।
संपत्तियों की जुटाई जानकारी
टीम बिशप से कुल संपत्ति और फर्जीवाड़ों के संबंध में पूछताछ करती रही। वहीं यह भी पता लगाने का प्रयास किया गया कि 129 बैंक खातों समेत कुल 174 बैंक खातों में कितनी रकम है।
बिशप पर ईडी भी करेगी केस दर्ज
ईओडब्ल्यू छापे के बाद चर्चा में आए जबलपुर के बिशप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी केस दर्ज करने की तैयारी में है। ईओडब्ल्यू से छापे में मिली नकदी व दस्तावेजों की जानकारी बुलाकर अफसर उसका परीक्षण कर रहे हैं। बिशप के घर 5 दिन पहले ईओडब्ल्यू की टीम ने छापा मारा था। छापे के दौरान 1.65 करोड़ रुपए, 18235 अमरीकन डॉलर और 118 पाउंड मिले थे। करीब 80 लाख के जेवरात, 48 बैंक खातों व 15-16 संपत्तियों की जानकारी भी सामने आई थी।
बेंगलूरु में मीटिंग की स्थगित
ईओडब्ल्यू की टीम को पता चला कि रविवार को जर्मनी से लौटने के बाद बिशप बेंगलूरु गया था। वहां उसे एक बैठक में शामिल होना था, लेकिन उसने बैठक स्थगित की और वहां से सीधे नागपुर पहुंच गया। उसे कोलकाता में भी एक बैठक में शामिल होने जाना था। इसके बाद वह लंदन जाता। उसे वर्ल्ड क्रिश्चियन काउंसिल में भी शामिल किया गया है।
Published on:
14 Sept 2022 10:28 am
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