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चुनाव 2023 : भाजपा ने 84 फीसदी प्रत्याशी बदले, आदिवासी सीटों पर नजर

चुनाव 2023 : भाजपा ने 84 फीसदी प्रत्याशी बदले, आदिवासी सीटों पर नजर  

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Election 2023

Election 2023

जबलपुर. महाकोशल की आदिवासी सीटों पर झटके खा चुकी भाजपा ने इस बार नया दांव चला है। उसने 13 आरक्षित सीटों में 11 के यानी 84 फीसदी चेहरे बदल दिए, इनमें उसके दोनों विधायक भी शामिल हैं। अनुसूचित जाति के आरक्षित तीन सीटों में से दो के टिकट काट दिए गए हैं। वहीं, कांग्रेस ने महज एक प्रत्याशी को ही बाहर का रास्ता दिखाया और एक विधायक का क्षेत्र बदल दिया है। भाजपा ने पहली सूची में ही केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को उतारकर इरादे जाहिर कर दिए थे। आगे की सूची में भी उसी फार्मूले को आगे बढ़ाया है। जिससे सर्वाधिक प्रभावित महाकोशल ही हुआ है। पार्टी ने दो केंद्रीय मंत्रियों के साथ ही लोकसभा के दो सदस्यों व एक पूर्व राज्यसभा सांसद को उम्मीदवार बनाया है।

महाकोशल: भाजपा ने विधायकों को भी नहीं बख्शा, कुल 24 प्रत्याशी बदले गए

महाकोशल की 38 सीटों में से भाजपा ने 24 प्रत्याशी बदले हैं। जो कुल उम्मीदवारों का 64 फीसदी से अधिक है। इसमें चार विधायकों के टिकट काटा जाना शामिल है। हालांकि दो विधायकों के परिवार के सदस्यों को ही चुनाव में उतरने का मौका मिला है।

दोनों आदिवासी विधायकों के टिकट कटे

महाकोशल में आदिवासी वर्ग की आरक्षित सीटें 13 हैं, इनमें भाजपा महज दो सीटों सिहोरा और मंडला सीटें शामिल रही हैं। इन दोनों के टिकट कट गए हैं। नंदनी की जगह जबलपुर जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष बकरड़े और मंडला के देव सिंह सैयाम की सीट से पूर्व राज्यसभा सदस्य संपतिया उइके को प्रत्याशी बनाया है। इनके साथ ही 11 आदिवासी सीटों के प्रत्याशियों के टिकट कटे हैं। केवल डिंडोरी की शहपुरा और सिवनी जिले की लखनादौन सीट पर हारे प्रत्याशियों पर दांव लगाया है।

कांग्रेस ने 28 प्रतिशत सीटें बदली

2018 विधानसभा चुनाव में बढ़त बनाने वाली कांग्रेस ने महज 11 टिकट ही काटे, जो कुल सीटों का 28 प्रतिशत है। आदिवासी सीटों पर उसने केवल मंडला सीट के प्रत्याशी का टिकट बदलकर निवास के विधायक डॉ अशोक मर्सकोले को शिफ्ट किया है और निवास में फग्गन सिंह के सामने नया चेहरा उतारा है। पार्टी ने सभी 11 आदिवासी विधायकों पर ही भरोसा जताया है। जबकि सिहोरा सीट से 2018 में प्रत्याशी रहे खिलाड़ी सिंह आर्मो चुनाव से पहले ही पार्टी छोड़ गए थे। इस सीट से नया चेहरा पार्टी ने दिया है।

चार सीटें परिवार के पास : इतने बड़े पैमाने पर कतरब्यौंत किए जाने के बाद भी भाजपा परिवार से बाहर नहीं निकल पाई। दो विधायकों में बालाघाट में गौरीशंकर बिसेन की जगह बेटी को और नरसिंहपुर में प्रहलाद पटेल को भाई की जगह उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं हारी सीटों में बरगी से मां की जगह बेटे और मंडला जिले के निवास में केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते को उनके भाई के स्थान पर उतारा गया है।

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