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हक के लिए बिजली इंजीनियरों का आंदोलन जारी

-युवा इंजीनियरों के साथ भेदभाव का आरोप

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 electrical engineers movement continues for rights

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जबलपुर. हक व हुकूक के लिए बिजली इंजीनियरों का आंदोलन जारी है। युवा इंजीनियर अपने साथ हो रहे भेदभाव को लेकर सप्ताह भर से आंदोलनरत हैं। इसके तहत रोजाना धरना-प्रदर्शन जारी रखे हैं।

पॉवर इंजीनियर्स एवं एम्प्लाईज एसोसिएशन के महासचिव अजय मिश्रा का इस आंदोलन के बारे में कहना है कि प्रदेश की विद्युत कंपनियों के युवा विद्युत कार्मिक उनके साथ बरती जा रही असमानता को बंद करने की मांग कर रहे हैं। जो लाभ और सुविधाएं मंडल के कार्मिको को मिल रही हैं, वही लाभ व सुविधाएं कंपनी कैडर को भी मिलनी चाहिए। इसके तहत वो 3 स्टार वेतन विसंगति समाप्त करने, बिजली बिल में 50 फीसदी छूट देने और कर्मचारियों की 6510 रुपये तथा 7440 रुपये की वेतन विसंगति दूर की खत्म करने की मांग कर रहे हैं।

इसके अलावा इन युवा इंजीनियरों की मांग है कि 9 जून 2011 की कंडिका क्रमांक 2 निरस्त किया जाए, ट्रांसमिशन कंपनी में कर्मचारियों को क्लास 4 की जगह क्लास 3 में रखा जाए। बता दें कि मंडल के कर्मियों को ये लाभ दिया जा रहा है। वो फ्रिंज बेनिफिट्स पुनरीक्षित करने, सी ऑफ का भुगतान सातवे वेतनमान से करने, उच्च पदों पर जबलपुर मुख्यालय से चालू प्रभार देने, उच्च शिक्षा प्राप्त कनिष्ठ अभियंताओं तथा कर्मचारियों को उच्च पद पर नियुक्ति, विद्युत कर्मियों की सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रिसिटी वर्क प्रोटेक्शन एक्ट बनाने, पूर्व क्षेत्र में प्रोग्रामर की वेतन विसंगति दूर कर उनकी पदोन्नति के लिए संगठनात्मक संरचना बनाकर उनके पदनाम तीनो वितरण कंपनी में समान करने आदि मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं।

इन मांगों को लेकर युवा इंजीनियर शक्तिभवन के बाहर एक हफ्ते से लगातार एक घंटे प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें मुख्यालय जबलपुर, समस्त विद्युत गृहों तथा ट्रांसको एवं पूर्व क्षेत्र के वृत्तों पर युवा विद्युत कर्मी शामिल है।