
electricity bill payment of MPPKVVCL is gst charged on electricity
जबलपुर। प्रदेश की बिजली कंपनियों ने उपभोक्तओं की फिर से जेब काटने की तैयारी कर ली है। पहले ही बिजली की अपेक्षाकृत बढ़ी दरों की मार झेल रहे उपभोक्ताओं के लिए नई खबर और भी बुरी है। बिजली कंपनियां जल्द ही जीएसटी के नाम पर उपभोक्ताओं से तकरीबन हर सुविधा के एवज में कर वसूलेगी। केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा जारी किए गए नए फरमान के बाद यह साफ हो गया है कि बिजली उपभोक्ताओं को जीएसटी में किसी भी प्रकार की रियायत नहीं मिलेगी। उन्हें बिजली के विविध शुल्कों के साथ ही उस पर जीएसटी का भी भुगतान करना होगा।
इस पत्र से फैला करंट
जीएसटी लागू होने के बाद से यह माना जा रहा था कि ऊर्जा दरों को नए कर व्यवस्था से मुक्त रखा गया है। बिजली सेवाओं पर जीएसटी को लेकर वितरण कंपनियां भी अनिर्णय की स्थिति में थीं। इसके चलते प्रदेश की बिजली कंपनी ने केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड से जानकारी मांगी थी। वितरण कम्पनियों के पत्र पर बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि हर तरह की उपभोक्ता सेवाओं को जीएसटी के दायरे में रखा गया है।
18 प्रतिशत देना होगा टैक्स
जानकारों के अनुसार अभी तक बिजली सेवाओं पर जीएसटी नहीं लगता था, लेकिन केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि सेवाओं पर जीएसटी लागू है। बिजली कम्पनियों को इन सेवाओं के एवज में जीएसटी वसूल कर जमा करना होगा। इसकी दर 18 प्रतिशत तक है। जीएसटी की राशि उपभोक्ताओं से वसूल नहीं किए जाने पर इसकी भरपाई बिजली वितरण कम्पनियों को करनी पड़ेगी। इसके चलते बिजली कंपनियों ने अब आनन-फानन में उपभोक्ताओं से जीएसटी वसूलने की योजना बना ली है।
ये सेवाएं जीएसटी के दायरे में
मीटर किराया, बिजली कनेक्शन, मीटर परीक्षण, मीटर शिफ्टिंग, सर्विस लाइन बदलना आदि।
इस तरह सेवाओं पर पड़ेगा असर
सेवा शुल्क - जीएसटी सहित शुल्क (रुपए में)
सिंगल फेस मीटर किराया - 10 11.80
थ्री-फेस मीटर किराया - 25 29.50
बिजली कनेक्शन - 500 590
सिंगल फेस मीटर जांच - 75 88.50
थ्री फेस मीटर जांच - 100 118
मीटर स्थानांतरित करने - 252 297.36
सविज़्स लाइन बदलने - 200 236
Published on:
06 Mar 2018 06:37 pm
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