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Encroachment : जबलपुर में ‘दुकानों की हदें पार’, सडक़ पर रेंग रहा यातायात

Encroachment : जबलपुर में ‘दुकानों की हदें पार’, सडक़ पर रेंग रहा यातायात
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जबलपुर

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Lalit Kumar Kosta

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Updated: 29 Nov 2025, 11:22 AM IST

Encroachment

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Encroachment : सुपर मार्केट से बड़ा फुहारा कमानिया गेट तक अतिक्रमण एक गंभीर समस्या बन चुका है। फुटपाथ और सडक़ों पर दुकानों, ठेलों और टपरों के अवैध कब्जों ने बाजार को कैद कर लिया है। यहां की चौड़ीसडक़ खुलकर सांस तक नहीं ले पा रही है। जिसका खामियाजा यहां आने वाले ग्राहकों और राहगीरों को उठाना पड़ रहा है। रेंगता यातायात, पल-पल लगता जाम और अराजक व्यवस्था से लोग हलाकान हो चुके हैं। इसके बावजूद अतिक्रमणकारी व्यापारी और दुकानदार अपनी दुकानें समेटने को तैयार ही नहीं हैं। बल्कि जगह मिलते ही कब्जे जमाने को हमेशा आतुर ही नजर आते हैं।

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Encroachment : 5 से 10 फीट तक कब्जे

सुपर मार्केट से कमानिया गेट तक करी दूरी करीब पौना किमी की है। जिसमें सुपर मार्केट से गंजीपुरा चौक तक सडक़ संकरी है, वहीं इसके आगे कमानिया गेट तक अ‘छी खासी चौड़ी सडक़ चलने को है। लेकिन पूरे रास्ते में एक भी जगह ऐसी नहीं है, जहां वाहन बिना ब्रेक लगाए या रुके गुजर सके। इस सडक़ के दोनों किनारों पर व्यापार करने वाले दुकानदारों ने अपने डिस्प्ले सजा रखे हैं। इन्हीं डिस्प्ले के नाम पर उन्होंने पांच से दस फीट आगे तक सडक़ पर कब्जा कर रखा है। जिससे सडक़ें संकरी और तंग दिखाई देती हैं। छुट्टी और त्यौहारों के समय इन्हीं दुकानों के चलते यातायात हांफता रहता है। सामान्य दिनों में भी इस रोड पर हर घंटे कहीं न कहीं जाम लग जाता है। हर दुकानदार अपनी हद से बाहर दुकान सजाकर बैठा हुआ है।

Encroachment : खड़े होने पर ही हो गया विवाद

दुकानों के सामने सडक़ पर यदि कोई राहगीर रुक जाता है या वाहन खड़ा करता है तो दुकानदार तत्काल वहां से हटवाने लगते हैं। शुक्रवार को एक बाइक चालक गंजीपुरा चौक से कमानिया की ओर जा रहा था, तभी उसका फोन बज गया, जिसे रिसीव करने वो एक दुकान के सामने सडक़ पर खड़ा हो गया। उसे तत्काल आगे बढऩे के लिए कह दिया गया, उसके कॉल पर लगे रहने के दौरान दुकानदार और उसके नौकरों ने विवाद शुरू कर दिया। जबकि युवक सडक़ पर खड़ा हुआ था और दुकान करीब 10 फीट दूर थी। ये नजारे प्रतिदिन ही इस रोड पर देखे जा सकते हैं।

Encroachment : सामने की सडक़ किराए पर उपलब्ध

स्थायी दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों के सामने फल, सब्जी, कपड़े आदि सामान बेचने वालों को खड़ा होने के एवज में प्रतिदिन के हिसाब से किराया भी वसूल रहे हैं। ब"ाों के कपड़े बेचने वाले एक ठेले वाले ने बताया कि उसे दुकानदार को हर दिन 500 रुपए देने पड़ते हैं, तब यहां खड़े होने मिलता है। इस अवैध किराएदारी को जानते हुए भी नगर निगम के जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी करीब आधा सैंकड़ा दुकानें गंजीपुरा चौक से कमानिया तक रोजाना सज रही हैं जिसका फायदा यहां के स्थायीदुकानदार सीधे तौर पर उठा रहे हैं।

Encroachment : पार्किंग के लिए सडक़ है न

दुकानों के आगे पहले ही पांच से दस फीट तक कब्जा करने के बाद ग्राहकों के वाहनों की पार्किंग भी कराई जा रही है। जिससे आधी सडक़ बमुश्किल ही चलने को मिलती है। कारों से आने वाले ग्राहक रोड पर खड़ा कर रहे हैं। जिससे जाम लग रहा है। यही वजह है कि बहुत से लोगों ने इस बाजार में आना ही छोड़ दिया है। या फिर वे खाली समय देखकर ही आते हैं, शाम को या विशेष दिनों में यहां नहीं आना चाहते।

Encroachment : स्थायी पार्किंग की जरूरत

बड़ा फुहारा जैसे अतिव्यवस्ततम बाजार में एक भी पार्किंग स्थल ऐसा नहीं है जहां लोग वाहन छोडकऱ बाजार घूम सकें। तिलक भूमि तलैया में जो पार्किंग स्थल है, वहां भी स्थानीय दुकानदार और लोगों ने अपने वाहनों के लिए उपयोग में लिया हुआ है। ऐसे में कुछ वाहन ही यहां खड़े हो पाते हैं। इसके अलावा पुरानी चरहाई में छोटी सी जगह खाली है, लेकिन वहां दोना पत्तल और चाय वालों के ठेले चल रहे हैं।

Encroachment : हिम्मत है तो हटा के बताओ लेफ्ट टर्न का कब्जा

गंजीपुरा चौक से कछियाना जाने वाले लेफ्ट टर्न पर आधा दर्जन से ’यादा ठेले वालों ने बेजा कब्जा कर रखा है। ये कई बार हटाए जा चुके हैं इसके बाद भी इन पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई। ये खुलेआम नगर निगम और यातायात व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकार इन्हें हटा नहीं पा रहे। इनकी दुकानदारी के चक्कर में पूरा चौराहा सुबह से शाम तक रेंगता रहता है, सामने थाना होने के बावजूद इन्हें किसी का भय नहीं है।