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#counseling : इंजीनियरिंग कॉलेजों में कम्प्यूटर साइंस कोर्स के प्रति रुझान ज्यादा

दूसरे चरण की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू  

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IIT-NIT Josa Counseling  : विद्यार्थियों को चुने हुए काउंसलिंग विकल्प बदलने का मौका

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जबलपुर। इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। इस बार छात्रों ने कम्प्यूटर साइंस के प्रति रुझान दिखाया है। इंजीनियरिंग की 52 हजार सीटों पर प्रवेश लेने के लिए सेकंड राउंड में 27,337 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें 23 हजार छात्रों ने वेरिफिकेशन कराया है जबकि 24 हजार 200 छात्रों ने च्वाइस फिलिंग की है। तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा सीटों का एलाटमेंट जारी किया जाएगा। 11 अक्टूबर तक छात्रों को प्रवेश लेना होगा।

प्रवेश की धीमी रफ्तार
जिले के इंजीनियरिंग कॉलेजों में करीब 6 हजार सीटें हैं। इसमें से करीब 2 हजार सीटों पर कम्प्यूटर साइंस के प्रति छात्रों ने रुझान दिखाया है। जबकि सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रानिक्स, इलेक्ट्रीकल जैसी अन्य ब्रांचों में प्रवेश का प्रतिशत करीब 5 से 10 ही है। जिले के कई कॉलेजों में इस बार प्रवेश का खाता भी नहीं खुल सका है।

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क्या कहते हैं जानकार
तकनीकी विशेषज्ञ, जीजीआईटीएस डॉयरेक्टर डॉ. पंकज गोयल कहते हैं कि कोर ब्रांच का अपना महत्व है। देश में 5- जी तकनीक आने के साथ ही मेक इन इंडिया पॉलिसी से इलेक्ट्रानिक्स, इलेक्ट्रीकल के साथ मैकेनिकल के क्षेत्र में संभावनाएं तेजी से बढेंगी। कोर ब्रांचों में आने वाले समय में अच्छा स्कोप है। जेईसी प्राचार्य डॉ. पीके झिंगे कहते हैं कि कई बार ट्रेंड के आधार पर छात्र ब्रांच को प्रमुखता देते हैं। डॉ.राजीव खत्री कहते हैं कि सीएस की सीटों में इजाफा हुआ है।

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