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फर्जी निकली एक्सलशीट

व्यापमं महाघोटाले में नया मोड़ आ गया है। जिस एक्सलशीट के सहारे दिग्विजय सिंह सरकार को घेरने में जुटे थे, उसे हाईकोर्ट ने फर्जी करार दिया है।

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Gwalior Online

Apr 25, 2015

VYAPAM Case

VYAPAM Case

जबलपुर। व्यापमं महाघोटाले में नया मोड़ आ गया है। जिस एक्सलशीट के सहारे दिग्विजय सिंह सरकार को घेरने में जुटे थे, उसे हाईकोर्ट ने फर्जी करार दिया है। यह एक्सलशीट हाईकोर्ट के पास मिस्टर एक्स की याचिका के माध्यम से पहुंची थी। ये वही मिस्टर एक्स (प्रशांत पांडे) हैं, जिनकी एक्सलशीट के सहारे दिग्विजय सिंह सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहे थे।

महाघोटाले की जांच की स्टेटस रिपोर्ट शुक्रवार को एसआईटी हाईकोर्ट में पेश की गई। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष किसी मि. एक्स द्वारा याचिका के साथ पेश की गई पेन ड्राइव में मौजूद व्यापमं घोटाले की एक्सलशीट फर्जी है। चीफ जस्टिस एएम खानविलकर व जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने प्रथम दृष्टया एसआईटी की रिपोर्ट को सही ठहराते हुए उसे आगे समुचित कार्रवाई करने की स्वतंत्रता दी। वहीं, एसटीएफ की ओर से सीलबंद लिफाफे में मामले की 72 पेज की प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की गई। इसे संज्ञान पर लेते हुए कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल नियत तय की है।

यह कहा कोर्ट ने...

'एसआईटी की रिपोर्ट आईटी एक्सपर्ट, रिटायर्ड आईपीएस व हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की टीम ने बनाई है। इसे अमान्य करने का कोई कारण नहीं है। इस बात के प्रमाण हैं कि कोर्ट को सौंपी गई एक्सल शीट फर्जी है।

कौन है मिस्टर एक्स?

जिस मिस्टर एक्स की पेन ड्राइव को दिल्ली हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट भेजी थी। वह प्रशांत पांडे हंै। प्रशांत ने इंदौर पुलिस के साथ काम किया था। इस दौरान उसका दावा था कि उसने ओरिजनलल एक्सलशीट को अपने कब्जे में ले लिया था। इसी को आधार बनाकर उसने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की मांग और अपने सबूतों को दिल्ली हाईकोर्ट की निगरानी में रखने की बात कही थी। इन सभी सबूतों को दिल्ली हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भेजे थे। सबूतों की जांच एसआईटी की निगरानी में एसटीएफ ने की है।

यह बताया एसआईटी ने -

1. हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज, रिटायर्ड आईपीएस व आईटी एक्सपर्ट ने मिल कर यह रिपोर्ट तैयार की।
2. इस पेन ड्राइव पर आधारित एक प्रेजेंटेशन भी एसटीएफ द्वारा तैयार किया गया, जो एसआईटी ने देखा।
3. एसआईटी ने 7 कारणों से एक्सल शीट को फर्जी बताया। अति. महाधिवक्ता पीके कौरव ने उक्त कारणों को गोपनीय बताया।
4. कोर्ट को बताया कि यह एक्सल शीट व्यापमं मामले की मूल शीट से भिन्न है और इसमें भी छेड़छाड़़ की गई है।
5. मि. एक्स द्वारा पेश एक्सल शीट कूटरचित होने के साथ कोर्ट और जांच एजेंसी को गुमराह करने वाली है।
6. अतिरिक्त महाधिवक्ता कौरव ने तर्क दिया कि समाज में सरकार के खिलाफ वातावरण बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन एसआईटी की रिपोर्ट में इसका पर्दाफाश हो गया।

स्तब्ध और निराश हूं

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश की मीडिया से जानकारी मिली है। इससे स्तब्ध और निराश हूं। ्व्हिसल ब्लोअर द्वारा अपने वकील के माध्यम से उच्च न्यायालय में प्रस्तुत ट्रूथ लैब की रिपोर्ट को माननीय न्यायालय ने मनगढ़ंत और भ्रामक बताया है। उस ट्रूथ लैब की रिपोर्ट की सच्चाई जानने के लिए न्यायालय ने न तो लैब को विश्लेषण का कोई मौका दिया और न व्हिसल ब्लोअर से कोई पूछताछ की। अभी न्यायालय के आदेश को देखा नहीं है।
-दिग्विजय सिंह, कांग्रेस महासचिव

माफी मांगें दिग्विजय

दिग्विजय मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करने का षड्यंत्र कर रहे थे, जो उजागर हो गया है। उनकी षड्यंत्रकारी राजनीति को जनता नकार चुकी है, पर हाईकोर्ट ने यह सिद्ध कर दिया कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकार और मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश हो रही थी। उन्हें प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
-भूपेंद्र सिंह, परिवहन मंत्री