
fake ias officer
जबलपुर. पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शनिवार को आईएएस (Fake IAS) बनकर राकेश साहा नाम का युवक पहुंचा। जालसाज ने खुद को 2018 बैच का आईएएस अधिकारी बताया था। वह कैबिनेट सेके्रटेरिएट दिल्ली से हस्ताक्षरित सलेक्शन सर्टिफिकेट और यूपीएससी की चयन सूची लेकर पहुंचा था लेकिन उसका फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया। एसपी ने उसे सिविल लाइंस पुलिस के हवाले कर दिया है। एएसपी क्राइम शिवेश सिंह बघेल को जांच के निर्देश दिए हैं।
फोन कर कहा मैंने आईएएस परीक्षा पास की है
एसपी अमित सिंह के मुताबिक दोपहर में मोबाइल पर एक युवक ने फोन करके कहा कि मैं राकेश साहा बोल रहा हूं। मैंने आईएएस की परीक्षा पास की है। एसपी ने उसे कार्यालय बुला लिया। 12.15 बजे के लगभग राकेश साहा मिठाई लेकर एसपी के पास पहुंचा। यूपीएससी परीक्षा में लिए गए सब्जेक्ट और ट्रेनिंग को लेकर सवाल किए तो सही जवाब नहीं दे पाया। इस पर एसपी को संदेह हुआ।
इन सवालों में फंसा राकेश
यूपीएससी की चयन सूची में 608 रैंक पर राकेश कुमार साहा का नाम है। इसका नाम राकेश साहा है। वर्ष 2018
के इस बैच की ट्रेनिंग लबासना स्थित लालबहादुर शास्त्री आईएएस एकेडमी मसूरी में चल रही है। उसने बताया कि देहरादून में ट्रेनिंग चल रही है। उसने अपनी पदस्थापना बैतूल में असिस्टेंट डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट एडीएम के पद पर बताई। आईएएस की ट्रेनिंग के बाद असिस्टेंट कलेक्टर की तैनाती मिलती है।
आईएएस राकेश साहा के नाम पर बनाया है फेसबुक पेज
राकेश ने अपना फेसबुक पेज बनाया है, जिसमें वह नवयुवकों को मोटिवेट भी करता है, जिसके चलते उससे कई लोग फेसबुक पर जुड़ गए। दिल्ली की एक कालूसराय कोचिंग से भी जुड़े होने की बात भी बतायी है। कुछ लोगों को सिंगरौली में नौकरी लगवाने का झांसा भी दे चुका है। उसके बैग से दो चेक और कोर्ट के आदेश सम्बंधी दस्तावेज मिले हैं।
पिता और पत्नी को भी गुमराह किया
एसपी ने बताया कि राकेश साहा सिंगरौली का रहने वाला है। उसने राधा स्वामी इंजीनियरिंग कॉलेज से बीई किया है। गढ़ा में किराए के मकान से रहता है। उसकी पत्नी गर्भवती है। वह घर से तीन दिन पहले पिता और पत्नी को दिल्ली जाने की बात कहकर निकला था। उसके पास से कई दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। उसके खिलाफ बैढऩ में भी धोखाधड़ी का दर्ज प्रकरण दर्ज होने की जानकारी मिली है।
Published on:
29 Sept 2019 09:00 am
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