
प्रोटीन से भरपूर मशरूम के प्रति बढ़ रही किसानों की दिलचस्पी
जबलपुर. प्रोटीन से भरपूर मशरूम अब लोगों के आहार में शाामिल होने लगा है। प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और विटामिन होने के कारण भविष्य का यह एक प्रमुख आहर होगा। भले ही इसकी खेती व्यापक रूप में नहीं हो रही हो। लेकिन, अब लोग मशरूम की खेती के प्रति दिलचस्पी दिखाने लगे हैं। यही वजह है कि शासकीय संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालय द्वारा भी इस दिशा में किसानों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। कम लागत और मुनाफे का धंधा होने के कारण यह लोगों को आकर्षित कर रहा है। जबलपुर जिले में फिलहाल करीब आधा सैकड़ा लोग मशरूम की खेती से जुड़े हैं।
प्रोटीन विटामिन से भरपूर
मशरूम में फॉलिक एसिड पाया जाता है, जो रक्ताल्पता के शिकार व्यक्तियों, विशेषकर महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी है। इसके सेवन से कब्ज दूर होती है। पेट साफ होता है और खुलकर भूख लगती है। यह प्रोटीन और विटामिन बी-12 का एक अच्छा स्त्रोत माना जाता है। मात्र तीन ग्राम मशरूम के सेवन से एक व्यक्ति की विटामिन बी-12 की दैनिक आवश्यकता पूरी होती है।
कई जगह हो रही खेती
ओयस्टर मशरूम कल्टीवेशन ट्रेनिंग से जुड़े संजीव नामदेव बताते हैं कि ओयस्टर मशरूम की जिले में कई जगह खेती की जा रही है। जबकि बटन मशरूम का कल्टीवेशन बहुत महंगा होने के कारण इसे कम लोग अपनाते हैं। मात्र 10 से 20 हजार में इसकी शुरुआत की जा सकती है। कटंगी, बरेला, पाटन, पनागर, आधारताल आदि क्षेत्रों में मशरूम का उत्पादन किया जा रहा है। हालांकि यह बेहद सीमित क्षेत्र में हो रहा है। ओयस्टर इसकी लागत 50 से 70 रुपए किलो पड़ती है, जबकि बाजार में यह 150 से 300 रुपए किलो तक बेचा जाता है।
महंगे दाम पर मिलती है मशरूम करी
कुकिंग एक्स्पर्ट दीपिका कपूर बताती हैं कि मशरूम कैल्सियम, प्रोटीन और विटामिन से भरपूर है। इसका उपयोग कई तरह के व्यंजनों में किया जाता है। मशरूम करी या मरशरूम मसाला करी लाजवाब है जो कि होटलों में बहुत महंगी कीमत पर परोसी जाती है। इसके अलावा मशरूम मटर मसाला, चिली मशरूम हैल्दी और स्पाइसी होता है। कोर्नफ्लॉवर का उपयोग करके क्रंची मशरूम भी बनाया जाता है। मशरूम की खासियत है कि यह बेहद सॉफ्ट होने के कारण आसानी से तैयार हो जाता है।
Published on:
16 Apr 2020 09:04 pm
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