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ये क्या…! बिना डिग्री चल रहा था ‘डॉक्टर साहब’ का क्लीनिक, बांट रहे थे ‘बैन दवाइयां’

MP News: गरुड़ दल की छापामारी में उसकी यह करतूत सामने आई।

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(फोटो सोर्स: AI Image)

(फोटो सोर्स: AI Image)

MP News: बिना डिग्री एलोपैथी इलाज करने वाले झोलाछाप महेंद्र पांडे के खिलाफ गोरखपुर पुलिस ने देर रात एफआइआर दर्ज की। वह रामपुर के दुर्गा नगर में पांडे क्लीनिक चलाता था। वह मरीजों को प्रतिबंधित दवाएं भी देता। इससे जान का खतरा हो सकता था। गरुड़ दल की छापामारी में उसकी यह करतूत सामने आई। प्रशासन के दल ने 19 मई को रामपुर के दुर्गा नगर के पांडे क्लीनिक में छापामारी की थी। उस वक्त खुद को डॉक्टर बताने वाले महेंद्र पांडे के पास रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस नहीं मिला था। उसके पास क्लीनिक का पंजीयन भी नहीं था।

वहां मेडिकल वेस्ट के निपटारे का प्रबंध भी नहीं किया गया था। इसके बाद क्लीनिक सील कर दिया गया था। उसके यहां लेटरहेड भी मिले थे, जिसमें कई डिग्रियों का जिक्र था। लेकिन, वह एक भी डिग्री पेश नहीं कर पाया था। मामला ठंडा पड़ते ही पांडे ने फिर से क्लीनिक चालू कर दिया।

जान का खतरा

जांच के दौरान क्लीनिक से अनूसूची एच, एच और एक्स की 46, 536 और 16 दवाएं मिली थीं। यह दवाएं किसी भी व्यक्ति को बिना जांच के दी जाएं, तो जान पर खतरा हो सकता है। यह दवाएं सिर्फ रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिश्नर ही लिख सकते हैं। उन्हीं के प्रिस्क्रिप्शन पर यह दवाएं दवा दुकानों से दी जाती हैं। बता दें कि बिना आरएमपी के लिखे यदि कोई यह दवाएं देता है, तो उस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत भी प्रकरण दर्ज किया जा सकता है।