1 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

#FoodSecurity स्वाद के नाम पर बिक रही ‘बीमारी’, जिम्मेदारों ने नहीं खोली आंखें

#FoodSecurity स्वाद के नाम पर बिक रही ‘बीमारी’, जिम्मेदारों ने नहीं खोली आंखें  

2 min read
Google source verification
Food Safety

Food Safety

जबलपुर. शहर में सड़क किनारे जगह-जगह खाने-पीने की वस्तुएं बिक रही हैं। यहां स्वच्छता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। जिसे जहां मन आया चाय-नाश्ता की दुकान खोल कर बैठ गया है। नाले-नालियों के आसपास और फुटपाथ पर भी दुकानें सजी हैं। इससे लोगों की सेहत खराब हो रही है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन और नगर निगम का स्वास्थ्य अमला अंजान बना हुआ है।

ज्यादातर दुकानें अवैध

शहर में ज्यादातर आलूबंडा, समोसा, भजिया, चाय, पोहा, मोमोज, पावभाजी, फुल्की और चाट के ठेले सड़क किनारे लगते हैं। ज्यादातर जगह अवैध कब्जे वाली है। इसलिए दुकान संचालक वहां सफाई का ध्यान नहीं रखता है। आसपास कचरा पड़ा रहता है। नाली की बदबू और धूल से चीजें खराब होती हैं। साथ ही इन खाद्य पदार्थों में जो सामग्री इस्तेमाल होती है, उसकी जांच नहीं होती है।

सफाई नहीं रखते

सड़क किनारे वस्तुओं को बनाने से उसमें धूल जाती है। यहां मिक्खयां भी भिनभिनाती रहती हैं। जिन प्लेट में साम्रगी परोसी जाती है, उसकी सफाई पर भी ध्यान नहीं दिया जाता है। एक या दो बार पानी में प्लेट निकालकर उसमें ग्राहकों को सामग्री दे दी जाती है। ऐसे में लोग अंजाने में बड़ी बीमारी भी अपने साथ घर ले जाते हैं।स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा प्रशासन कोई कड़ी कार्रवाई नहीं करता है।

मशीनें आई लैब की स्थापना नहीं

खाद्य और औषधि की जांच के लिए डुमना रोड पर स्टेट फूड लेबोरेटरी बनाई गई है। बिल्डिंग को बने हुए दो साल हो गए हैं। जांच के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनें भी आ चुकी हैं लेकिन वह असेंबल नहीं हो पाई हैं। ऐसे में अभी भी सैम्पल की जांच भोपाल में होती है। इसी प्रकार चलित लैब भी कम ही सड़क पर नजर आती है। इसलिए जांच का भय दुकानदारों को नहीं होता है।

मिलावट की आशंका

अभी त्योहारों का सीजन चल रहा है। दिवाली ज्यादा दूर नहीं है। इस दौरान खोवा और दूसरी चीजों की मिठाइयां बड़ी मात्रा में बनती हैं। इनमें मिलावट की आशंका रहती है। सप्लाई से पांच गुना मांग होने के कारण जिले में दूसरे शहरों से खोवा आता है। खाद्य एवं सुरक्षा प्रशासन की टीम त्योहारों के दौरान जांच तो करती है लेकिन नियमित रूप से सैंपल लेने की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता है।