
journalist Ganga Pathak
fraud journalist : आदिवासियों की जमीन में फर्जीवाड़ा कर उसे स्वयं और पत्नी ममता पाठक समेत गुर्गो के नाम पर करने वाले पत्रकार गंगा पाठक के गौरीघाट रोड स्थित सुखसागर कॉलोनी के निवास पर सोमवार को तिलवारा और बरगी थानों की पुलिस ने क्राइम ब्रांच की टीम के साथ छापामारी की। पुलिस टीम को दोनों आरोनी नहीं मिले। इस दौरान पूरे घर की तलाशी ली गई। पुलिस ने वहां मिले परिजनों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए है।
गंगा ने आदिवासी मालिक वीरन, शकुंतला गौड़, खमलो बाई, चंदन सिंगारो, चंदर सिंह, प्रदीप चौहान, चंद सिंह, सरजू, कल्लू बाई, और कढ़ोरी की करोड़ो रुपए की बेशकीमती जमीन के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया और उसे अपने और अपनी पत्नी के समेत गुर्गो के नाम पर दर्ज करवा लिया। खुलासा हुआ, तो एसडीएम ने जहां जमीनों की रजिस्ट्री शून्य कर दी, वहीं तिलवारा और बरगी थाने में गंगा, ममता व अन्य के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई।
गढ़ा सीएसपी देवेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक टीम बनी। जिसमें तिलवारा थाना प्रभारी बृजेश मिश्रा और उनके थाने का स्टाफ और क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी शैलेश मिश्रा और उनका स्टाफ शामिल था। सभी अधिकारी और जवान गंगा के सुख सागर स्थित घर पहुंचे। पुलिस बल को देखकर कॉलोनी में हडक़ंप मच गया। पुलिस अधिकारी और जवानों ने घर की तलाशी की लेकिन आरोपी गंगा और ममता पाठक नहीं मिले।
पुलिस अधिकारियों ने घर में मिले गंगा के परिजनों से पूछताछ की, तो पता चला कि वह आठ मार्च को घर से गया था इसके बाद वापस नहीं लौटा। पुलिस के अनुसार गंगा को एफआईआर की जानकारी पहले ही लग गई थी, इसलिए वह पत्नी सहित गायब हो गया।
fraud journalist : तिलवारा और बरगी में दर्ज मामले में फरार पत्रकार गंगा पाठक के घर छापामारी की गई थी, लेकिन वहां आरोपी गंगा नहीं मिला। पत्नी ममता भी नहीं मिली। संभावित स्थानों पर छापामारी कर दोनों का पता लगाया जा रहा है।
Updated on:
25 Mar 2025, 11:18 AM IST
Published on:
25 Mar 2025, 11:08 AM IST
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