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पर्सनॉलिटी: इस लेटर बॉक्स में डालें पर्ची, दो दिन में मिल जाएगी मुफ्त में दवाई

पर्सनॉलिटी: इस लेटर बॉक्स में डालें पर्ची, दो दिन में मिल जाएगी मुफ्त में दवाई

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free medicines for everyone

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लाली कोष्टा@जबलपुर। शास्त्रों में लिखा है कि जब किसी की मदद करो या किसी निर्धन का सहयोग करो तो दायं हाथ से किए गए काम की खबर बाएं हाथ को भी नहीं होनी चाहिए। यही सच्ची मानव सेवा है। गुरुग्रंथ साहब में भी गुरुदेव ने ऐसी ही सेवाओं के लिए आदेश दिए हैं। इन्हीं बातों का अनुसरण करते हुए डॉक्टर सतविंदर सिंह ग्रोवर पिछले 20 वर्षों से सैंकड़ों लोगों को नि:शुल्क दवा देने का काम कर रहे हैं। खास बात ये है कि वे किसी को अपना परिचय नहीं देते हैं और न दवा लेने वाले का परिचय पूछते हैं। उनका मानना है कि सेवा में परिचय नहीं काम मायने रखता है। यही गुरु का आदेश है जिसका पालन किया जा रहा है।

बिना दवा के कोई दम न तोड़े, इसलिए 20 साल से जारी है नि:शुल्क दवा की सेवा
डॉक्टर सतविंदर सिंह ग्रोवर की अनूठी पहल,

गुरुद्वारों में बॉक्स लगवाए
डॉ. सतविंद सिंह ने बताया कि वे पेशे से दवा का व्यवसाय कर रहे हैं। 20 साल पहले उन्होंने जरूरतमंदों को मुफ्त दवा देने का काम शुरू किया। जिसमें कुछ लोग शर्मिंदगी के कारण उनसे दवा नहीं लेते थे। तब 5 गुरुद्वारों गोरखपुर, ग्वारीघाट, जीसीएफ, बंडोल, रांझी में बॉक्स लगाए। जिनमें लोग बिना अपना परिचय दिए, सामने आए अपनी दवा की पर्ची डाल नाम डाल देते हैं और उन्हें दो दिनों के भीतर दवा उसी बॉक्स से प्राप्त हो जाती है। इसमें हम किसी से नहीं मिलते हैं। इमरजेंसी के लिए बॉक्स में अपना मोबाइल नंबर भी लिख रखा है। जिसमें कॉल आने पर उन्हें दवा पहुंचा दी जाती है।

IMAGE CREDIT: patrika

धर्म जाति नहीं देखते, शर्मिंदगी न हो किसी को
डॉक्टर सतविंदर सिंह ने बताया कि दवा वितरण में किसी की जाति या धर्म नहीं देखा जाता है। इसलिए हम आपस में मिलते ही नहीं हैं, ताकि किसी को शर्मिंदगी महसूस न हो। कुछ दिन पहले ही ऐसा मामला सामने आया जब विदेश में रह रहे बच्चों के माता पिता को दवा की आवश्यकता थी, लेकिन वे किसी से मदद नहीं मांग पा रहे थे, तब किसी तरह हमने उनकी दवा की पर्ची मंगाई और चुपचाप घर पर दवा पहुंचा दी। वहीं एक बड़े घर की महिला को परिजनों ने दवाई नहीं दिलाई तो वह मास्क लगाकर मेरे पास आई उसने दवा की पर्ची दिखाई तो हमने कहा ये दवा कल मिल पाएगी आपका नाम पता बता दीजिए। उसने साफ इंकार कर दिया और बोली मैं कल यहीं आ जाऊंगी, पर किसी को ये बात मत बताना।

आधा दर्जन परिवार लिए गोद
डॉ. ग्रोवर ने आधा दर्जन ऐसे गरीब व जरूरतमंद परिवारों को गोद ले रखा है जिनके पास दवा कराने के पैसे नहीं हैं, जबकि उन्हें गंभीर बीमारियां हैं। वे उनकी दवा के साथ अस्पतालों के खर्च को भी स्वयं उठा रहे हैं।

ये सेवाएं भी निरंतर जारी
डॉक्टर सतविंदर सिंह ग्रोवर ब्लड डोनेशन के लिए भी नि:शुल्क सेवा होती है। उनके पास 100 से ज्यादा एक्टिव डोनर हर समय तैयार हैं। ताकि जरूरत पडऩे पर वे रक्तदान करने पहुंच जाएं। वहीं समय समय पर स्वास्थ्य कैंप का आयोजन भी करते हैं। कैंप के माध्यम से ईसीजी, कार्डियो की जांच नि:शुल्क करते हैं और दवाएं भी मुफ्त बांटते हैं। जिन्हें दवाओं की आवश्यकता होती है उनसे सीधे संपर्क भी कर सकते हैं।