
fssai rules and guidelines for restaurants
जबलपुर। रेस्तरां और होटल में खाना खाने के शौकीनों को अब इस बात को लेकर संशय नहीं रहेगा कि उनका खाना कहीं गंदे पानी में तो नहीं पकाया गया है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की नई व्यवस्था के बाद अब होटलों के किचन में सिर्फ आरओ वाटर का ही इस्तेमाल होगा। खाना पकाने के लिए आरओ वाटर के उपयोग की अनिवार्यता होगी। रेस्तरां और होटलों के किचन में तैयार होने वाली खाद्य सामग्री को हाइजीन बनाने के लिए एफएसएसएआई ने यह नया नियम लागू किया है।
टीके भी लगवाने होंगे
एफएसएसएआई द्वारा रेस्तरां और होटलों में खाने की शुद्धता को बनाए रखने के लिए नई गाइडलाइन तय की गई है। इसके तहत ग्राहकों को परोसे जाने वाले खाने को खाकर उनके स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े इसके लिए आरओ वाटर का उपयोग करने के निर्देश दिए गए है। इसके साथ ही होटल और रेस्तरां के कर्मचारियों को संक्रमण से बचाने के लिए समय-समय पर आवश्यक टीके भी लगवाने होंगे। खाद्य अधिकारी अमरीश दुबे का कहना है कि ऐसा नया सकुर्लर फिलहाल उन तक नहीं पहुंचा है। होटल और रेस्तरां में जांच और निर्धारित मानकों के तहत परीक्षण के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाता है।
जेल और लाखों रुपए जुर्माना
एफएसएसएआई ने नई व्यवस्था के तहत लापरवाही करने वाले रेस्तरां और होटल संचालकों के विरुद्ध सजा का प्रावधान भी किया है। नए नियम की पालना में खामियां मिलने पर होटल और रेस्तरां संचालक के खिलाफ 5 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। इस मामले में संचालक को 6 माह तक की जेल की सजा भी हो सकती है। इसके साथ ही आरओ वाटर का उपयोग नहीं किए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान का रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस निलंबित हो सकता है।
टैबलेट से जांच
एफएसएसएआई ने अलग-अलग तरह के प्रतिष्ठानों का पृथक-पृथक श्रेणी में निर्धारण किया है। इसके तहत कैटरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, मिल्क एंड मिल्क प्रोडक्ट, मीट एंड मीट प्रोडक्ट शामिल हैं। सभी संस्थानों के लिए ज्यादातर नियम एक जैसे हैं। जिसका पालन करना संचालक के लिए अनिवार्य है। नई व्यवस्था के साथ ही प्रतिष्ठानों में जांच की व्यवस्था भी हाईटेक हो जाएगी। इसके लिए टैबलेट में अलग-अलग श्रेणी के प्रतिष्ठानों के लिए 40 बिंदु की चैक लिस्ट बनाई गई है। जांच के वक्त अधिकारी इस टैबलेट को साथ लेकर जाएंगे।
ये बिंदु है नए नियम में
पके और कच्चे खाने की जांच भी होगी
सभी कमज़्चारियों को एप्रिन, हैण्ड ग्लब्स और कैप पहनना होगी।
किचन में प्रवेश से पहले हाथ-पैर साबुन से धोने होंगे, इसके लिए साफ वॉशरूम भी होना चाहिए।
खाना बनाने और परोसने वाले सभी कमज़्चारियों का साल में दो बार हैल्थ चैकअप करवाना होगा।
पानी, कच्चे और पके हुए खाने की साल में एक बार शासन द्वारा अधिकृत लैब से जांच करवाना होगी।
इसका सर्टिफिकेट रखना होगा। पेस्ट कंट्रोल भी करवाना होगा।
Published on:
22 Mar 2018 02:27 pm
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