जबलपुर निवासी पं. ओंकार द्विवेदी के अनुसार ब्राह्मण या पुजारी को मारना, किसी को नशे की हालत में छोड़कर चले जाना, किसी पवित्र कसमों और वादों को तोडऩा, भ्रूण की हत्या करना या फिर भ्रूण को नष्ट करना आदि को गरुड़ पुराण में बहुत बड़ा पाप माना जाता है। अगर कोई इंसान ऐसा करता है, तो निश्चित तौर पर उसे नरक में सज़ा पाने के लिए तैयार रहना होगा। किसी महिला की हत्या करना, महिला को प्रताड़ित करना, मूकदर्शक की तरह आंखों के सामने किसी की इज्जत लुटते देखते रहना, या फिर किसी गर्भवती महिला को मारना-पीटना आदि आपको नरक में पहुंचाने के लिए काफी हैं। किसी के विश्वास को धोखा देना और किसी की हत्या करने के लिए हथियार के रूप में ज़हर का इस्तेमाल करना भी घोर पाप है और इसका रास्ता सीधे नरक की ओर जाता है।