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Global Investors Summit : जबलपुर में 200 करोड़ का प्रस्ताव, टेक्नालॉजी सेंटर का निर्माण होगा तेज

Global Investors Summit : ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जबलपुर संभाग में सबसे ज्यादा निवेश प्रस्ताव नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आए हैं।
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जबलपुर

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Lalit Kumar Kosta

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Updated: 26 Feb 2025, 12:12 PM IST

Global Investors Summit

Global Investors Summit

Global Investors Summit : ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जबलपुर संभाग में सबसे ज्यादा निवेश प्रस्ताव नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आए हैं। 4 निवेशकों ने इसमें रुचि दिखाई है। दूसरे नंबर पर खनिज क्षेत्र हैं। इसके अलावा ऊर्जा, शहरी विकास और उद्योग विभाग से संबंधित प्रस्ताव मिले हैं। इनमें करोड़ों का निवेश होगा और हजारों लोगों को काम मिलेगा। इधर एमएमएसई सम्मलेन में जबलपुर जिले के लिए 200 करोड़ के 13 प्रस्ताव मिले हैं। इनमें 15 सौ लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। समिट के दूसरे दिन जबलपुर में 200 करोड़ से बन रहे टेक्नालॉजी सेंटर पर फोकस रहा।

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Global Investors Summit : संभाग में नवीकरणीय ऊर्जा, खनिज और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश

दूसरे दिन एमएसएमई समेलन में नई नीति के बारे में जानकारी दी गई। स्थानीय और बाहरी निवेशकों ने फूड और गारमेंट इंडस्ट्री में निवेश की मंशा जताई। वे जिले में अपनी इकाइयों लगाना चाहते हैं। एमएसएमई एवं स्टार्टअप समेलन में केंद्रीय एमएसएमई विभाग की एडीशनल डेवलमेंट कमिश्नर अश्विनी लाल ने जबलपुर में बन रहे टेक्नालॉजी सेंटर की जानकारी दी।

Global Investors Summit : जबलपुर को मिलेगा बड़ा फायदा

समेलन में शामिल महाकोशल उघोग संघ के कार्यकारी अध्यक्ष डीआर जेसवानी, उपाध्यक्ष अशोक परियानी, सहसचिव भानु शुक्ला, आईटी पार्क एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रेश वीरा, फेडरेशन ऑफ मप्र चेबर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष हिमांशु खरे ने बताया कि समिट जबलपुर संभाग को नई ऊर्जा देगी।

Global Investors Summit : इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर में होगा 150 करोड़ का निवेश

जीआईएस के दूसरे दिन केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुडकऱ ऐलान किया कि वर्ष 2025 तक पहला मेड इन इंडिया चिप उत्पादन के लिए तैयार हो जाएगा। मध्यप्रदेश में दो इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर को स्वीकृति दी गई है। एक जबलपुर और दूसरा भोपाल में है। राज्य में अब तक 85 कंपनियां इस क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। नए कैंपस में आने वाले 6 वर्षों में लगभग 150 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। कैंपस के एक ही छत के नीचे महत्वपूर्ण आईटी हार्डवेयर और उत्पादों के निर्माण करने की क्षमता है। जहां सर्वर, डेस्कटॉप, मदरबोर्ड, चेसिस, रैम, एसएसडी, ड्रोन, रोबोट समेत अन्य एंड-टू-एंड निर्माण होगा। जिससे इस प्लांट में करीब 1200 नए रोजगार पैदा होंगे।