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एक लोटा जल चढ़ाने से प्रसन्न होती है ये देवी, भरती है सूनी गोद, देती है धन वैभव: देखें वीडियो

शारदेय नवरात्र: संस्कारधानी के शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु पूजन के लिए मंदिरों में लगी कतार

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goddess durga worship

जबलपुर. नवरात्र के अवसर पर सुबह से दोपहर तक माता के मंदिरों में लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सोमवार सुबह भी कुछ ऐसा ही नजारा संस्कारधानी जबलपुर के प्रसिद्ध देवी दरबार बड़ी खेरमाई में देखने मिला है। यहां माता को जल चढ़ाने लगी लंबी कतारें देखकर सहसा एक प्रश्र मन में आता है कि एक लोटा जल ही क्यों। इसके जवाब में जानकारों व पुजारियों का कहना है कि माता को नवरात्रि में एक लोटा जल यदि सच्चे मन से चढ़ाया जाए तो वे प्रसन्न होकर मनचाहा वरदान देती हैं। बड़ी खेरमाई माता गधे पर सवार हैं। ये सूनी गोद भरने के साथ ही धन वैभव से भी भक्तों का घर भरती हैं।

खेरमाई मंदिर में जल ढारने वालों की कतार थी, तो त्रिपुर सिंदुरी मंदिर में मां के दर्शन के लिए सुबह से ही भीड़ थी। सार्वजनिक दुर्गोत्सव समितियों के लोग गाजे-बाजे और भक्तिधुनों के बीच उत्साह के साथ देवी मां की प्रतिमाएं लेकर पहुंचे। पंडालों में विधि-विधान के साथ शुभ मुहूर्त में देवी प्रतिमा की स्थापना हुई।

घट स्थापना जवारे बोए
नवरात्र के पहले प्रमुख देवी मंदिरों में मंत्रोच्चार के बीच घट स्थापना हुई। मंदिरों के साथ ही कुछ श्रृद्धालुओं ने घरों में परम्परानुसार जवारा बोए। सार्वजनिक दुर्गोत्सव समितियों के सजाए गए पंडालों में कलश स्थापित कर देवी का आह्वान किया गया।

अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित की गई। प्रतिपदा पर सुबह से रात 10 बजे तक दुर्गा प्रतिमा स्थापना का क्रम चला। कुछ प्रमुख मंदिरों और घरों में परम्परानुसार जवारा बोए गए। पूजन-अर्चन हुआ। शहर में अनेक शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में श्रृद्धालुओं की भीड़ तकरीबन पूरे दिन रही। तेवर स्थित मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर, बड़ी, खेरमाई, बूढ़ी खेरमाई, मानस भवन स्थित खेरमाई मंदिर, सदर काली मंदिर, बगलामुखी मंदिर, कालीमठ, बरेला स्थित शारदा मंदिर सहित प्रमुख शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में दिन भर अनुष्ठान हुए। मंदिरों के आसपास अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।

पहले दिन की उपासना
ज्योतिर्विद जर्नादन शुक्ल के अनुसार प्रतिपदा पर रविवार को पहले दिन देवी दुर्गा के मां शैलपुत्री स्वरुप का आह्वान किया गया। घट स्थापना के साथ ही दुर्गा सप्तशती पाठ प्रारम्भ हुए। पूजा-पाठ का सिलसिला पूरे नवरात्र में चलेगा। नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को मां ब्रह्मचारिणी का आह्वान किया जाएगा। मां ब्रह्मचारिणी के पूजन से धन-धान्य और सौभाग्य में वृद्धि होती है।