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वकील को घूर कर देखा तो होगी सीधे जेल, मप्र में लागू हुआ ये नया नियम

वकीलों को मिलेगी सुरक्षा गारंटी

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Advocate Protection Act implemented in MP state

Advocate Protection Act implemented in MP state

जबलपुर। अब वकीलों से यदि ऊंची आवाज में बात की या फिर उन्हें देख लेने की बात भी कही तो सीधे जेल हो जाएगी। उन पर किसी प्रकार की अभद्र टिप्पणी करना, विवाद करना या मारपीट करना भी लोगों को भारी पड़ सकता है। क्योंकि प्रदेश सरकार ने लगातार हो रहे वकीलों पर हमलों व मांग को देखते हुए प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू कर दिया है। जिसके बाद वकीलों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार भी व्यक्त किया है।

news fact- प्रोटेक्शन एक्ट होगा लागू, स्टेट बार काउंसिल का प्रयास लाया रंग

वकीलों का संघर्ष और नियामक संस्था स्टेट बार काउंसिल के लगातार प्रयास आखिरकार रंग लाए। राज्य सरकार ने सोमवार को वकीलों की सुरक्षा के लिए एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की घोषणा कर दी। इसी के साथ मप्र पहला राज्य बन गया, जहां वकीलों की सुरक्षा के लिए कानून लागू किया गया है। इसे वकीलों के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए अधिवक्ता संघो, काउंसिल पदाधिकारियों ने राज्य सरकार व मुख्यमंत्री को साधुवाद दिया है। वकीलों ने कहा कि इससे न्याय के लिए उनके प्रयासों में और मजबूती आएगी।

इनका कहना है
न्यायिक जगत के लिए मप्र सरकार ने एक बड़ी सौगात दी है। कुछ लोगों की बाधाओं की वजह से इसे अध्यादेश के रूप में लाना पड़ा। मप्र हिंदुस्तान का पहला राज्य है, जहां वकीलों की सुरक्षा के लिए चिंतित रहने वाली सरकार ने यह एक्ट लागू किया।
- शिवेंद्र उपाध्याय, अध्यक्ष स्टेट बार काउंसिल

महापंचायत में किया था वायदा
2012 में सीएम की वकील महापंचायत में हमने सबसे पहले यह एक्ट लागू करने की मांग की थी। इसके बाद जितनी बार मुख्यमंत्री यहां आए, उन्हे वायदा याद दिलाया गया। कई बार वकीलों ने कामबंद हड़ताल भी की। हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लेकर सरकार से इस संबंध में जवाब-तलब किया था। मुख्यमंत्री ने सही समय पर यें फैसला लिया है।
- आरके सिंह सैनी, अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ व सदस्य स्टेट बार काउंसिल

निडरता से काम करेंगे वकील
एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट प्रदेश के सभी वकीलों का देखा हुआ साझा सपना था। राज्य सरकार ने इस पर गंभीरता दिखते हुए इसे लागू किया, यह स्वागतयोग्य है। इस एक्ट के लागू होने से वकीलों को न्यायहित में और निडरता से काम करने के लिए संबल मिलेगा। वकीलों के सामूहिक प्रयास क ी सराहना करता हूं।
- मनीष दत्त, सीनियर एडवोकेट, सदस्य मप्र स्टेट बार काउंसिल