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बड़ी खबर: समदडिय़ा मॉल पर सरकार का कब्जा, तीन मंजिला मल्टीप्लेक्स, होटल सील

बड़ी खबर: समदडिय़ा मॉल पर सरकार का कब्जा, तीन मंजिला मल्टीप्लेक्स, होटल सील

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जबलपुर। सरकारी नियमों में हेराफेरी, अधिकारियों व नेताओं से सांठगांठ के बाद बनाए गए महाकोशल के सबसे बड़े समदडिय़ा मॉल पर आखिरकार जेडीए ने कब्जा कर ही लिया। पहले नाम परिवर्तन किया गया। इसके बाद कार्रवाई को गति देते हुए शनिवार को तीन मंजिला होटल व मल्टीप्लेक्स पर भी तालाबंदी कर कब्जा ले लिया गया है। वहीं जिन लोगों ने मॉल में दुकानें ली हैं उनकी चिंता बढ़ गई है। जेडीए उनके लिए अलग से अधिसूचना जाहिर करने की बात कह रहा है। मॉल में तालाबंदी की खबर से पूरे शहर के व्यापारियों में हडक़ंप है। इसकी चर्चा राजधानी तक हो रही है। उक्त कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के बाद हो रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सिविक सेंटर स्थित समदडिय़ा मॉल जिसे संस्कार मॉल का नाम दिया गया हैं, की ऊपरी तीन मंजिलों पर जेडीए ने कब्जा कर लिया है। जेडीए के अधिकारी दल बल के साथ सुबह 11 बजे पहुंचे और उन्होंने ऊपरी तीन मंजिलों पर संचाहित मल्टीप्लेक्स, होटल को कब्जे में लेते हुए कर्मचारियों को बाहर कर दिया। इसके बाद पूरे परिसर में तालाबंदी कर सील कर दिया गया। अधिकारियों से कर्मचारियों ने बहस की,लेकिन उनकी एक न चली। सील करने के साथ ही जेडीए ने आम सूचना चस्पा कर दी है। इसमें बकायदा उनका हक जताया गया है। साथ ही हाईकोर्ट के आदेश की बात भी कही गई है। सील किए गए परिसर में समस्त गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।

यह है मामला -
व्यवसायी एवं बिल्डर अजीत समदडिय़ा को मॉल के लिए जमीन आवंटन के खिलाफ एक याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई थी। जिसमें कहा गया था कि 20 जनवरी साल 2016 को जेडीढ के सीईओ अवध श्रोत्रिय ने एक शिकायत के आधार पर आवंटन को गलत पाया था। उन्होंने लीज निरस्त करने की बात कही थी। लेकिन उनका तबादला कर दिया गया। याचिकाकर्ता ने कोर्ट की शरण ली और बताया कि मॉल की ऊपरी तीन मंजिलें अवैध रूप से बनाई गई हैं। जबकि बिल्डर ने इसे नियमानुसार बताया था। जिसकी याचिका खारिज कर दी गई थी।

हाईकोर्ट ने श्रोत्रिय की जांच में लीज निरस्त करने के आदेश को सही बताया था। जेडीए द्वारा प्रोमोटर स्कीम के तहत ज़मीन की लीज दी गई थी। प्रोमोटर स्कीम के तहत दी गई इस लीज में कई खामियां पाई गई थी। गौरतलब है कि सिविक सेन्टर की 41,179 स्क्वायर फ़ीट जमीन पर मॉल बना है। कोर्ट के आदेश के बाद यह माल अब जेडीए के आधिपत्य में ही होगा। बिल्डर द्वारा मॉल के नामकरण पर भी आपत्ति जताई गई थी और अब इसका नया नाम जेडीए ने संस्कार मॉल रख दिया है।