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जबलपुर@ज्ञानी रजक. ग्राम पंचायतों के खाते में राशि होने के बाद भी वे खर्च करने में पीछे हैं। 15वां वित्त आयोग से जो राशि जिले को मिली, वह पूरी खर्च नहीं हो पाई। ऐसे में 38 करोड़ से ज्यादा राशि चालू वित्तीय वर्ष में समायोजित कर दी गई है। राशि खर्च नहीं होने की मूल वजह पुख्ता कार्य योजना का नहीं होना है। इसी प्रकार कोरोना और पंचायत चुनाव को लेकर नवंबर-दिसंबर से लेकर जून तक चली कवायद भी बड़ा कारण है।
जिले की सभी ग्राम पंचायतों के लिए केंद्र सरकार से वित्त आयोग के जरिए वित्त वर्ष 2021-22 में 96 करोड़ 43 लाख रुपए टाइड एवं अनटाइड श्रेणी के कार्यों के लिए आया था। इसमें 47 करोड़ का व्यय हुआ। ऐसे में 50 करोड़ रुपए बच गए। अब उसे चालू वित्तीय वर्ष में समाहित कर दिया गया है। उसमें भी अभी तक 12 करोड़ 60 लाख रुपए खर्च हुआ है। ऐसे में अभी भी काफी राशि बची है। इसे अब खर्च किया जा सकता है।
नए सरपंच निर्वाचित
हाल में पंचायत चुनाव हुए हैं। नए सरपंच निर्वाचित हुए हैं। वे पुख्ता कार्ययोजना बनाएंगे तो उन्हें इस राशि का लाभ मिल सकता है। पंचायतें आबद्ध (टाइड) और अनाबद्ध (अनटाइड) मद में विकास कार्य कर सकती हैं। टाइड मद में केवल पानी और स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं पर खर्च किया जा सकता है तो अनटाइड में किसी भी प्रकार के काम कराने सरपंच और सचिव स्वतंत्र रहते हैं। दोनों मदों में राशि का अनुपात 50:50 रहता है।
राज्य शासन से अब आई राशि
पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार से चालू वित्तीय वर्ष में 15वें वित्त आयोग से कोई राशि नहीं आई है। पहले से बकाया राशि से ही अभी काम होंगे। इसी प्रकार राज्य शासन भी 5वें वित्त आयोग से बजट आवंटित करता है। यह राशि भी देर से इसी माह आई है। ऐसे में नए सरपंचों को यह राशि विकास कार्यों के लिए मिलेगी। गांवों में विकास कार्य भी अवरुद्ध थे। अब उन्हें गति मिल सकेगी।
यह है िस्थति
- 527 ग्राम पंचायत हैं जिले में।
- 100 करोड़ के करीब मिलता है बजट।
- सात जनपद हैं जबलपुर जिले में।
- केंद्र व राज्य शासन से मिलती है राशि।
एक से 7 लाख रुपए तक आवंटन
जिले की पंचायतों को अलग-अलग राशि विकास कार्यों के लिए आवंटित होती है। पहले 516 पंचायतें थीं लेकिन परिसीमन के उपरांत 11 नई पंचायतों का गठन हो गया है। अब इनकी संख्या 527 हो गई है। बताया जाता है कि इनमें कुछ पंचायतों एक तो कुछ को सात लाख रुपए तक एक वित्त वर्ष में आवंटित होता है।
पंचायतों के पास पर्याप्त मात्रा में राशि विकास कार्यों के लिए उपलब्ध है। इस साल का बजट भी केंद्र सरकार से आना है। राज्य शासन ने इसे जारी कर दिया है। पंचायतें कार्ययोजना देती हैं तो राशि का आवंटन होता है।
मनोज सिंह, एडीशनल सीईओ, जिला पंचायत
Published on:
16 Aug 2022 12:48 pm
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