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शिफूजी बोले- जब देश के दुश्मन नेस्तनाबूद होंगे, तब मनाएंगे दिवाली

होली हो, ईद हो, क्रिसमस हो या फिर दीवाली..., मेरे लिए देश की माटी का हर पर्व अहम है, लेकिन मेरी और देश की असली दीवाली तो तब होगी, जब देश की तरफ आंख उठाने वाला दुश्मन पूरी तरह नेस्तनाबूद हो जाएगा।

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Lali Kosta

Nov 01, 2016

shifuji shaurya bharadwaj

shifuji shaurya bharadwaj

प्रेमशंकर तिवारी@जबलपुर। होली हो, ईद हो, क्रिसमस हो या फिर दीवाली..., मेरे लिए देश की माटी का हर पर्व अहम है, लेकिन मेरी और देश की असली दीवाली तो तब होगी, जब देश की तरफ आंख उठाने वाला दुश्मन पूरी तरह नेस्तनाबूद हो जाएगा। यह कहना है, बेस्ट कमांडो ट्रेनर, ग्रैंड मास्टर शिफूजी शौर्य भारद्वाज का...।

शिफूजी त्योहार पर अल्प प्रवास पर जबलपुर आए थे। उन्होंने घर पर शहीदों का नाम का केवल एक दीप रखा। दीपावली नहीं मनाई। पत्रिका से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि देश की आन, बान और शान के लिए मर मिटना ही असली पूजा है। दुश्मनों पर विजय की घोष के बाद की खुशियों के जो दीप जलेंगे उनकी अनुभूति कुछ और होगी। मेरा ही नहीं हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हो जाएगा।

shoury Bhardwaj


याद उन्हें भी कर लो
कमांडो ट्रेनर होने के साथ बागी जैसी फिल्मों में अहम रोल कर चुके शिफूजी ने कहा कि हर भारतीय को उन माताओं, उन परिवारों के प्रति श्रद्धानत होना चाहिए जिनके लाड़ले दीपक बनकर सरहदों खड़े हैं। इन शेरनियों के दीप ही देश में उजाले का कारण बने हुए हैं। सोच कर देखें कि हमारी दीवाली के लिए ना जाने कितनी मांओं के दीप सरहद पर बुझ जाते हैं। इनका और सुरक्षा व शांति के लिए तैनात वर्दीधारियों का हमें सदा सम्मान करना चाहिए।


मां तो मां होती है
बेटे के लिए मां तो आखिर मां होती है। वह बड़े या छोटे बेटे में भेद नहीं करती। वह हर बेटे को अपने आंचल की छांव देती है। यही मां है हमारी भारत मां...। हम किसी भी जाति, धर्म और संप्रदाय के हों। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भारत मां की माटी सभी को एक सा अनाज, हवा और पानी दे रही है। हम सब इस मां के कर्जदार हैं। जरूरी है कि अब हम सभी एक हो जाएं और देश के लिए सोचें। इसकी मिट्टी की शान के लिए हाथ से हाथ मिलाकर मर मिटने का तैयार रहें। इसकी शान बनी रहेगी तो हमारी आने वाली पीडिय़ां सुरक्षित रहेंगी और हम पर गर्व करेंगी।


shoury Bhardwaj

आतंकवाद को दीं गालियां
अपशब्दों और गालियों वाला वीडियो वायरल होने के सवाल पर शिफूजी ने कहा कि मैंने पाकिस्तान या किसी देश को गाली नहीं दी। मेरे गालियां तो उन आतंककारियों के लिए थीं, जो दशहत फैला रहे हैं। कश्मीर जैसे स्वर्ग का सुकून छीन रहे हैं। मैं अब भी इन्हें नार्मद कहता हूं। पीछे से वार करके किसी का घर उजाडऩे वालों को भला मर्द कैसे कहा जा सकता है। ये देश के ही नहीं शांति और सुकून के दुश्मन हैं।


shoury Bhardwaj


पर्वो में छिपा है परमार्थ
शौर्य भारद्वाज ने कहा कि दीपावली वैसे तो आत्म अवलोकन का पर्व है। इस रात अपने शरीर की आंतरिक शक्तियों को जाग्रत करके खुद को देश और समाज की सेवा के लिए तैयार करना चाहिए। पर्वों में भी परमार्थ की सीख है। आप स्वयं देखें कि दिवाली पर मिट्टी के दीये, रुई, मालाएं, लाई-बताशा, मूर्तियां, खिलौने और ना जाने क्या-क्या बिकता है। बनाने वाला हिन्दू हो या मुसलमान, इससे कई घरों और परिवारों की दीवाली रोशन होती है। उनका उदर-पोषण होता है। हमें ऐसे पर्वों का संरक्षण करना चाहिए।

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