4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CG News: छत्तीसगढ़ में अब कितने बाघ, सर्वे के बाद डेटा कलेक्शन में जुटा वन विभाग

CG News: पिछले साल वन विभाग ने छत्तीसगढ़ में कुल 35 बाघ मौजूद होने का दावा किया था। उल्लेखनीय है कि वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

2 min read
Google source verification
CG News: छत्तीसगढ़ में अब कितने बाघ, सर्वे के बाद डेटा कलेक्शन में जुटा वन विभाग

CG News: @विनोद डोंगरे। अखिल भारतीय बाघ आंकलन 2026 के अंतर्गत वन विभाग बाघों की गणना कर रहा है। वन विभाग के राज्य मुख्यालय में डेटा कलेक्ट किया रहा है। डेटा के अंतिम विश्लेषण के बाद पता चलेगा कि 2025 में सामने आयी बाघों की संख्या में से कितने बाघ घटे या बढे। पिछले साल वन विभाग ने छत्तीसगढ़ में कुल 35 बाघ मौजूद होने का दावा किया था। उल्लेखनीय है कि वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

फील्ड स्तर पर डेटा संग्रहण पूर्ण होने के बाद अब इसे अंतिम विश्लेषण के लिए कलेक्ट किया जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बार के आंकलन में वन्यजीवों की संख्या और विविधता में सकारात्मक वृद्धि होगी। लेकिन वास्तविक जानकारी अंतिम विश्लेषण के बाद ही सामने आएगी।

मुख्य टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या (2025 सर्वेक्षण के अनुसार):

अचानकमार टाइगर रिजर्व - 18 बाघ
गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व - 7 बाघ
इंद्रावती टाइगर रिजर्व - 6 बाघ
भोरमदेव वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी - 3 बाघ
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व - 1 बाघ

ऐसे हुआ सर्वे

वन विकास निगम के अमले ने अपने प्रबंधन वाले वन क्षेत्रों में बीट स्तर पर सर्वे अभियान चलाया। सर्वे कार्य वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर किया गया। मैदानी कर्मचारियों ने प्रत्येक बीट में ट्रेल और ट्रांसेक्ट सर्वे के माध्यम से वन्यजीवों की उपस्थिति दर्ज की। लाइन ट्रांसेक्ट सर्वे के तहत निर्धारित लाइनों पर पैदल चलकर शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या, घनत्व और उनके निवास क्षेत्र की गुणवत्ता का आकलन किया गया। ट्रेल सर्वे के अंतर्गत वन क्षेत्रों की पगडंडियों और जलस्रोतों के आसपास बाघ, तेंदुआ सहित अन्य मांसाहारी वन्यजीवों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष साक्ष्यों का निरीक्षण किया गया। इसमें पगमार्क, मल (स्कैट) और पेड़ों पर खरोंच के निशानों का अध्ययन शामिल रहा।

डिजिटल तकनीक का उपयोग

इस पूरे अभियान में आधुनिक डिजिटल तकनीक का उपयोग किया गया। सभी जानकारी को M-STrIPES ऐप के माध्यम से रियल टाइम में दर्ज किया गया, जिससे डेटा की पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित हुई।

क्यों महत्वपूर्ण है यह आंकलन?

बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि पूरे इकोसिस्टम के स्वास्थ्य के संकेतक होते हैं। जैव विविधता संरक्षण और वन पारिस्थितिकी संतुलन के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए भी जरुरी माना जाता है। इसलिए यह आंकलन वन प्रबंधन और संरक्षण रणनीतियों के लिए बेहद अहम माना जाता है।