
GST fraud
GST fraud : जीएसटी के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले संगठित गिरोह को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने पकड़ा। यह गैंग बोगस फर्म बनाकर फर्जी टैक्स इनपुट क्रेडिट के जरिए सरकार को 34 करोड़ रुपए का चूना लगा चुकी है। इसके तार जबलपुर, भोपाल, इंदौर के साथ छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र तक जुड़े हैं। गैंग का सरगना एनके खरे उर्फ विनोद सहाय है। उसे झारखंड के रांची से पकड़ा। जांच में ईओडब्ल्यू ने आरोपी की बनाई ४ मुख्य फर्म और एसोसिएट 9 फर्मों ने बोगस व्यवसाय से 33.80 करोड़ का फेक इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया। ईओडब्ल्यू शुक्रवार को उसे जबलपुर कोर्ट से रिमांड पर लिया है।
जबलपुर के किसान प्रताप लोधी, दीनदयाल, रविकांत सिंह, नीलेश से विनोद बदले हुए नाम एनके खरे बनकर मिला। किसानों को लोन दिलाने का झांसा देकर उनके नाम से जीएसटी पंजीयन कराए। इन फर्मों को अपने फोन, ईमेल से कंट्रोल किया। मां नर्मदा, नमामि ट्रेडर्स, मां रेवा ट्रेडर्स व अभिजीत ट्रेडर्स में 33.80 करोड़ के फर्जी व्यापार से इनपुट टैक्स क्रेडिट किए।
Updated on:
28 Jun 2025 01:20 pm
Published on:
28 Jun 2025 12:48 pm
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