1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हज जाने वालों ने सीखे तौर-तरीके,मक्का-मदीना के कायदे

हर साल संस्कारधानी से बड़ी संख्या में लोग हजयात्रा पर जाते हैं। संयुक्त अरब अमीरात में होने वाली हजयात्रा के दौरान यात्रियों को कोई परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए उन्हें हज कमेटी विशेष प्रशिक्षण देती है। इस प्रशिक्षण में हजयात्रियों को अरब में स्थित विभिन्न इस्लामिक तीर्थस्थलों, वहां के तौर-तरीको की जानकारी दी जाती है। इस बार भी जबलपुर हज कमेटी ने 284 हजयात्रियों को ये तौर-तरीके सिखाया है। निजी हज यात्रा संचालकों ने भी 100 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया है।

3 min read
Google source verification
हजयात्रियों को प्रशिक्षण

हजयात्रियों को प्रशिक्षण

-400 हाजरीन होंगे जत्थों में रवाना, दिल्ली से फ्लाइट पकड़ने पहला जत्था रवाना
जबलपुर।
इस्लाम मे हज अहम फर्जों में शुमार है। हर साल संस्कारधानी से बड़ी संख्या में लोग हजयात्रा पर जाते हैं। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात में होने वाली हजयात्रा के दौरान यात्रियों को कोई परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए उन्हें हज कमेटी विशेष प्रशिक्षण देती है। एक दिन के इस प्रशिक्षण में हजयात्रियों को अरब में स्थित विभिन्न इस्लामिक तीर्थस्थलों, वहां के तौर-तरीको की जानकारी दी जाती है। उन्हें मक्का, मदीना व अन्य तीर्थस्थलों पर इबादत के विशेष नियम-कायदे सिखाये जाते हैं। इस बार भी जबलपुर हज कमेटी ने 284 हजयात्रियों को ये तौर-तरीके सिखाकर उन्हें हज के लिए तैयार कर दिया है। निजी हज यात्रा संचालकों ने भी करीब 100 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया है। हज जाने वालों का पहला जत्था रवाना हो चुका है। 10 जून से 18 जून तक नागपुर व मुम्बई से जेद्दाह की फ्लाइट पकड़ने के लिए संस्कारधानी से हजयात्रियों के कई जत्थे रवाना होंगे।

भाषा व करेंसी की जानकारी-
जबलपुर में हजयात्रियों को तौर तरीके सिखाने के लिए हज कमेटी ने बीते दिनों गोहलपुर कन्या स्कूल में प्रशिक्षण दिया। हजयात्रियों को संयुक्त अरब अमीरात की मुद्रा व भारतीय मुद्रा की तुलना तथा रुपये को दिरहम में बदलना सिखाया गया। अरबी भाषा के बहुतायत में उपयोग आने वाले शब्दों व प्रमुख उपयोगी वस्तुओं के अरबी में नाम सिखाये गए। मक्का,मदीना, अराफात में भोजन व ठहरने के मुख्य स्थलों की जानकारी दी गई। हज कमेटी जबलपुर के अध्यक्ष मकबूल अंसारी ने बताया कि इस बार कुल 284 हजयात्रियों को कमेटी ने तौर-तरीके व नियमों की जानकारी दी गई। हाजी मुजफ्फर अंसारी व हाजी वकील अंसारी ने यह प्रशिक्षण दिया। वहीं,निजी हज यात्रा संचालकों ने भी करीब 100 से अधिक हजयात्रियों को यह प्रशिक्षण दिया।

ऐराम पहनना सिखाया-
अंसारी ने बताया कि हजयात्रियों को मुम्बई में जेद्दाह के लिए रवाना होते समय जहाज में ही अरब अमीरात का विशेष परिधान ऐराम पहनना होता है। यह लबादे जैसा होता है। इसे पहनने का भी विशेष तरीका होता है। वहीं,मक्का शरीफ व मदीना में बिना सिलाई के दो चादरों से बना ऐराम पहनना पड़ता है। इन्हें पहनने के तरीके भी हजयात्रियों को सिखाए गए। साथ ही यात्रा के दौरान आने वाली संभावित परेशानियों व उनसे निपटने के तरीकों की जानकारी दी गई।

वेक्सिनेशन व हेल्थ कार्ड दिया-
अंसारी ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद केम्प लगाकर सभी हजयात्रियों को कोरोना की वेक्सीन लगवाई गई। उन्होंने बताया कि हजयात्रियों के ब्लड ग्रुप, वजन, चिकित्सकीय इतिहास, वेक्सिनेशन व अन्य मेडिकल जानकारी के आधार पर स्वास्थ्य विभाग उन्हें हेल्थ कार्ड जारी करता है। स्वास्थ्य विभाग की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद हेल्थ कार्ड प्राप्त कर यात्रियों को वितरित किए गए। यात्रियों को स्वास्थ्य व गम्भीर बीमारियों के दौरान सामान्य चिकित्सा टिप्स भी दी गईं।

10 को निकलेगी पहली फ्लाइट-
जबलपुर से हजयात्रा के लिए नागपुर, दिल्ली या मुम्बई तक ट्रेन से जाना होता है। फिर वहां से जेद्दाह की फ्लाइट पकड़नी पड़ती है। अंसारी ने बताया कि इस बार नागपुर से 12 जून को फ्लाइट है। 14 जून को दिल्ली व 17 तथा 18 जून को मुंबई से फ्लाइट हैं। नागपुर से फ्लाइट पकड़ने के लिए पहला जत्था रवाना हो चुका है। 10 जून को दिल्ली के लिए व 14 जून को मुंबई के लिए हजयात्रियों के जत्थे जबलपुर से रवाना होंगे।

कहां क्या करना है यह भी बताया-
हजयात्रियों को कमेटी की ओर से प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि मक्का, मदीना व अन्य तीर्थस्थलों में उन्हें क्या करना है।उन्हें सिखाया गया कि काबा शरीफ का चक्कर कैसे लगाया जाता है, शैतान को कंकड़ी कैसे मारनी चाहिए व अराफात से कुर्बानी के बाद कैसे हटना चाहिए। अंसारी ने बताया कि यात्रा के दौरान अरब अमीरात की ओर से सहयोगी के रूप में खुद्दाम तैनात किए जाते हैं, लेकिन भाषा की समस्या के चलते वे भारतीय हजयात्रियों को सही ढंग से हर चीज समझा नही पाते। इसलिए यात्रियों को यह सब सिखाया जाता है।