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यहां लाल नहीं काले हनुमान जी की होती है पूजा : देश के कौने कौने से दर्शन करने आते हैं श्रद्धालु, जानें काले रंग का कारण

इस प्रतिमा पर लाल नहीं बल्कि काले रंग का ही लेप लगाया जाता है।

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यहां लाल नहीं काले हनुमान जी की होती है पूजा : देश के कौने कौने से दर्शन करने आते हैं श्रद्धालु, जानें काले रंग का कारण

वैसे तो लगभग हर हनुमान भक्त ये बात जानता है कि, भगवान हनुमान की प्रतिमा का रंग लाल होता है। ऐसे में इस प्रतिमा पर सिंदूर का लेप भी लाल रंग का ही लगाया जाता है। लेकिन, मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक ऐसा हनुमान मंदिर है, जहां हनुमान जी की प्रतिमा अपने प्राकृतिक रंग से उलट काले रंग की है। खास बात ये है कि, इस प्रतिमा पर लाल नहीं बल्कि काले रंग का ही लेप लगाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि, यह प्रतिमा हनुमान के काल स्वरूप को दर्शाती है। इस वजह से इन्हें श्री श्री सत्य मारुति भगवान दक्षिणेश्वर काल ब्रम्ह बड़े सरकार के नाम से जाना जाता है।


ऐसी मान्यता है कि, इस प्रतिमा की उत्पत्ति नर्मदा के तट पर हुई है और एक ही शिला पर भगवान हनुमान की आकृति बनी हुई है। इस मंदिर में हनुमान के दर्शन करने के लिए देश के कोने कोने से भक्तगण यहां आते हैं। ऐसा माना जाता है कि, काल स्वरूप हनुमान की ये प्रतिमा सिर्फ इसी स्थान पर विराजमान है, इसलिए भी यहां पर भक्तों के दूर दूर से आने का सिलसिला लगातार जारी रहता है।

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हर भक्त को जरूर मिलता है आशीर्वाद- मंदिर पुरोहित

इस मंदिर के पुरोहित का कहना है कि, भगवान हनुमान के इस स्वरूप को लेकर कई तरह की किवदंतियां बनी हुई हैं। ज्यादातर मान्यताएं भगवान राम की लंका विजय के बाद के समय से जुड़ी हुई हैं। इस मंदिर में आकर भक्त अपनी समस्याएं हनुमान जी के सामने रखते हैं और उन्हें दूर करने के लिए यहां हनुमान जी से विनती भी करते हैं। ये भी मान्यता है कि, यहां आने वाले हर एक भक्त को भगवान हनुमान अपना आशीर्वाद जरूर देते हैं।

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