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Heavy Rain Alert : फिर से मॉनसून एक्टिव, कल 33 जिलों में होगी झमाझम बारिश

Heavy Rain Alert: विदिशा, राजगढ़ और आगर-मालवा में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.....

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heavy rain

जबलपुर। मानसून कमजोर नजर आने लगा है। मौसमी प्रणालियां कमजोर होने से चार दिन से शहर में बादल छाए रहने के बावजूद बूंदाबांदी ही हो रही है। धूप निकलने और बादल छाने से उमस भरी गर्मी भी परेशान कर रही है। सोमवार को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा। मौसम विभाग के अनुसार दो दिन तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। इसके बाद पांच जुलाई से मानसून वर्षा की नई खेप लाएगा। झमाझम वर्षा के बाद सावन की रिमझिम फुहार का सिलसिला शुरू हो सकता है।

वर्षा का सिस्टम कमजोर हो जाने से सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री दर्ज हुआ। यह सामान्य से तीन डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य था। प्रदेश में अगले 24 घंटे में किसी भी जिले में तेज बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक दो दिन तक मौसम खुला रहेगा।

मौसम विभाग का अलर्ट

जानकारी के लिए बता दें कि मौसम विभाग ने विदिशा, राजगढ़ और आगर-मालवा में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, देवास, शाजापुर, अशोकनगर और शिवपुरी में भारी बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 4 जुलाई के बाद 3 सिस्टम एक्टिव होंगे, जिनका असर प्रदेश में भी दिखेगा। इससे पहले भी लोकल सिस्टम एक्टिव होने से तेज बारिश होगी।

जबलपुर में जुलाई में सबसे ज्यादा बारिश

राज्य के चारों बड़े शहरों में जबलपुर ही ऐसा शहर है, जहां जुलाई में सबसे ज्यादा बारिश होती है। यहां जुलाई 1930 में करीब 45 इंच पानी बरसा था। 30 जुलाई 1915 को 24 घंटे में सर्वाधिक 13.5 इंच बारिश हुई थी। पिछले साल भी जुलाई में 13 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। जबलपुर में जुलाई की सामान्य बारिश 17 इंच है। महीने में 15 से 16 दिन पानी बरसता है।

एक्टिव हैं कई सारे वेदर सिस्टम

मौसम विभाग का कहना है कि अभी एक साथ 4 वेदर सिस्टम एक्टिव है,ये अपना असर दिखाएंगे कि नहीं ये समय के साथ ही पता चलेगा। वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य उत्तर प्रदेश, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और उत्तरी अरब सागर में चक्रवात मौजूद हैं, लेकिन मानसून की अक्षीय रेखा ग्वालियर से विपरीत दिशा में होने से सिस्टम तैयार करने के लिए पर्याप्त नमी नहीं मिल रही है। वही मानसून द्रोणिका बीकानेर, दोसा, ग्वालियर, सीधी, अंबिकापुर, बालेश्वर से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है, लेकिन इसका प्रदेश पर कोई असर नहीं हो रहा है।

24 घंटे में कहां - कितनी बारिश (बारिश इंच में)

बैतूल-0.13
मलाजखंड-0.05
छिंदवाड़ा-0.02
सतना-0.64
खंडवा-0.47
भोपाल सिटी-0.19

इस वर्ष बारिश

नर्मदापुरम- 116.9

सिवनीमालवा- 43.0

इटारसी -41.2

माखननगर- 63.0

सोहागपुर- 105.4

पिपरिया- 272.6

बनखेड़ी- 237.7

पचमढ़ी 268.2

डोलरिया- 50.8

(2 से 3 जुलाई 2023 को प्रात: 8.30 बजे तक वर्षा। आंकड़े मिमी में।)