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यहां तो घट गया टीके का कोटा, लौटाने पड़ रहे हितग्राही

जबलपुर जिले में कोविड वैक्सीन का स्टॉक सीमित, नई खेप नहीं आने से बढ़ रही परेशानी    

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जबलपुर। कोरोना से बचाव का टीका लगवाने के लिए लोगों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। अब बुजुर्ग बड़ी संख्या में टीका लगवाने के लिए अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। सोमवार को 3 हजार 338 बुजुर्ग सहित कुल लगभग साढ़े पांच हजार लोगों ने कोरोना वैक्सीन लगवाई। लेकिन जिले में टीके की नई खेप नहीं पहुंचने से समस्या हो रही है। इसके कारण 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को टीका लगाने का अभियान जोर नहीं पकड़ पा रहा है। डोज कम बचने के कारण कुछ केन्द्रों का प्रतिदिन का कोटा घटा दिया गया है। इसके कारण देर से पहुंचने वाले हितग्राही को टीका लगाए बिना ही लौटाया जा रहा है। कोरोना टीकाकरण के पहले चरण में जब स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लग रहे थे, तो ग्रामीण क्षेत्र में उत्साह ज्यादा था। लेकिन तीसरे चरण में शहरी क्षेत्र में टीकाकरण ज्यादा हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के अपेक्षाकृत शहरी केन्द्रों में टीका लगवाने के लिए बड़ी संख्या में बुजुर्ग आ रहे हैं। कुछ ग्रामीण टीकाकरण केन्द्रों में निर्धारित लक्ष्य का आधा ही टीका लग पा रहा है। तीसरे चरण में 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग और 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के गम्भीर रोग से पीडि़त को टीका लगाया जाना है। इनकी जिले में बड़ी संख्या है। इसका 20 प्रतिशत टीकाकरण भी एक पखवाड़े में नहीं हो सका है। लोगों की सुविधा और जल्दी टीके लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की आयुष्मान योजना से जुड़े सभी निजी अस्पतालों के टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने की थी। लेकिन अब जब तक की टीके की नई खेप नहीं आ जाती है, कोई नया केन्द्र नहीं बनाया जाएगा। इस सप्ताह 24 केन्द्रों में ही टीकाकरण होगा।