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high court : बर्ड फ्लू पर हाई पावर कमेटी की सिफारिशों का एक माह में करो पालन

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कहा है कि बर्ड फ्लू पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पूर्व दिशा-निर्देशों के तहत वर्ष 2006 में गठित हाई पावर कमेटी की सिफारिशों का एक माह के अंदर पालन किया जाए।

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Mp High Court Jabalpur

Mp High Court Jabalpur

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कहा है कि बर्ड फ्लू पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पूर्व दिशा-निर्देशों के तहत वर्ष 2006 में गठित हाई पावर कमेटी की सिफारिशों का एक माह के अंदर पालन किया जाए। इन सिफारिशों में पोल्ट्री वेस्ट के हाईजीनिक निस्तारण, राज्य व संभागीय स्तर पर बर्ड फ्लू की रोकथाम, प्रभावी नियंत्रण और जांच के लिए डीआइ लैब की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। चीफ जस्टिस रवि मलिमठ व जस्टिस पुरुषेंद्र कौरव की डिवीजन बेंच ने अगली सुनवाई 11 मार्च नियत की।

नागरिक उपभोक्ताा मार्गदर्शक मंच जबलपुर के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे व नयागांव, जबलपुर निवासी रजत भार्गव की ओर से अधिवक्ता आदित्य संघी ने कोर्ट को बताया कि पोल्ट्री फॉॅर्म से लेकर रिटेल शॉप तक ब्रोकन एग, डेड चिकन, चोंच, पंख सहित अन्य पोल्ट्री वेस्ट संक्रमण का कारक बन सकता है। ऐसे में इनका समुचित तरीके से हाईजीनिक निस्तारण अति आवश्यक है। इनका ठीक से विनष्टीकरण न होने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। 16 साल पहले हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित हाई पावर कमेटी ने महत्वपूर्ण सिफारिशें की थीं। उनको अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया। हाल ही में मध्यप्रदेश सहित 11 राज्यों में बर्ड फ्लू के सिर उठाने से खतरा और बढ़ गया। ऐसे में कमेटी की अनुशंसा के तहत डीआइ लैब की स्थापना का बिंदु भी महत्वपूर्ण हो गया है। लेकिन, राज्य सरकार की ओर से अब तक के जवाबों में स्पष्ट रूप से कुछ भी नहीं बताया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उक्त कमेटी की सिफारिशों का पालन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। प्रदेश सरकार की ओर से उपमहाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली उपस्थित हुए।