
अदालत का फैसला (प्रतीकात्मक फोटो)
जबलपुर. हाई कोर्ट ने मंडी बोर्ड के सचिव, मंडी संचालक, अतिरिक्त संचालक, अनुविभागीय अधिकारी को अवमानना नोटिस जारी किया हैं। न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर की एकलपीठ के समक्ष हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह नोटिस जारी किया है।
अवमानना याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि पूर्व में एक याचिका प्रस्तुत कर निवेदन किया गया था कि अभी तक मंडी के चुनाव नहीं कराए जा सके हैं, निकट भविष्य में भी इसकी कोई संभावना नहीं है। मंडी में प्रशासक नियुक्त करने का आदेश मंडी अधिनियम के कानून के विपरीत है। ऐसे में याचिकाकर्ता को ही कृषि उपज मंडी सिवनी का प्रशासक नियुक्त किया जाना चाहिए।
हाई कोर्ट ने सात जनवरी 2020 को आदेश जारी कर मध्य प्रदेश शासन द्वारा मंडी में प्रशासक नियुक्त करने के आदेश को स्थगित कर दिया था। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि मध्य प्रदेश शासन ने जिस आदेश के जरिए प्रदेश की मंडियों में प्रशासक नियुक्त किया है, वह स्थगित रहेगा।
याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट के आदेश की प्रतिलिपि मध्य प्रदेश शासन मंडी बोर्ड एवं कृषि उपज मंडी व अनुविभागीय अधिकारी को प्रस्तुत की। साथ ही निवेदन किया कि उसे पुन: कृषि उपज मंडी सिवनी में प्रशासक के रूप में कार्य करने दिया जाए। इसके बावजूद अनावेदक अजीत केसरी, संदीप यादव, आनंद मोहन शर्मा व जेपी सैयाम अनुविभागीय अधिकारी सिवनी ने याचिकाकर्ता को पदभार ग्रहण नहीं करवाया। इस पर यह अवमानना याचिका प्रस्तुत कर निवेदन किया गया कि याचिकाकर्ता को मंडी का प्रभार दिया जाए। साथ ही अनावेदकों को दंडित किया जाए। प्रारंभिक सुनवाई के बाद दलीलों से सहमत होकर कोर्ट ने अनावेदकों को अवमानना के नोटिस जारी कर दिए। सभी को अपना पक्ष रखने कहा गया है।
Updated on:
22 Jan 2021 03:02 pm
Published on:
22 Jan 2021 03:02 pm
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