
पूर्व मंत्री श्रवण भाई पटेल को कोर्ट ने नहीं दी अग्रिम जमानत
जबलपुर। जिला अदालत ने पूर्व मंत्री श्रवणभाई पटेल को अग्रिम जमानत का लाभ देने से इनकार कर दिया है। पंचम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसके चौबे की कोर्ट ने कहा कि पटेल प्रभावशाली व्यक्ति हैं। अग्रिम जमानत मिलने पर वे साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि मामले में पटेल से पूछताछ होना भी बाकी है। इस मत के साथ कोर्ट ने पटेल की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी है।
यह है मामला
अभियोजन के अनुसार गोलबाजार निवासी स्व. परमानंद पटेल की ज्येष्ठ पुत्री डॉ. नीना वी पटेल ने 22 अक्टूबर 2012 को लार्डगंज थाने में दर्ज शिकायत में कहा था कि उसके पिता की 3 संतानें हैं। नीना, श्रवणभाई, सिद्धार्थ भाई, सोनल व रूपा। 2 जनवरी 1994 को उनके पिता को ब्रेन हेमरेज हो गया। वे अपनी चेतना खो बैठे। इसका नाजायज फायदा उठाते हुए श्रवण भाई, सिद्धार्थ, रूपा, सोनल व उनकी मां ज्योत्सना बेन ने स्व. परमानंद पटेल की जमीन व कंपनी मोहनलाल हरगोविंददास प्रालि के करोड़ों रुपए के शेयर्स के दस्तावेजों में हेरफेर कर इन्हें अपने नाम करा लिया। उल्लेखनीय है कि श्रवण भाई पटेल और उनकी बहन के बीच यह विवाद चर्चाओं में रहा। बहन डॉ. नीना ने आरोप लगाए थे कि श्रवण भाई पटेल ने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए मामले का दबाने का भरसक प्रयास किया। हालांकि यह मामला तब लोगों के सामने आ गया जब बहन की रिपोर्ट पर श्रवण भाई के खिलाफ थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ।
चार साल ने नहीं हुए गिरफ्तार
शिकायत की जांच के दौरान 2 जुलाई 2014 को यही आरोप लगाते हुए मुंबई के वकील कुनाल वाधिया ने लार्डगंज पुलिस को पत्र भेजा। तब लार्डगंज पुलिस ने श्रवण भाई व अन्य के खिलाफ भादंवि की धारा 403, 404, 406, 411 व 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया। इसके बाद से अभी तक मामले में चालान पेश नहीं किया गया है। इसी मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए श्रवण भाई ने यह अर्जी लगाई थी। शिकायतकर्ता डॉ. नीना की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई कि आवेदक के प्रभाव के चलते ही अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनका कहना है कि आरोपित को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
Published on:
16 Jul 2018 11:45 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
