9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

होलिका दहन: होलिका की ऐसे करें पूजा, आग के फेरे लगाने से आता है पैसा

मंदिरों में होगी फूलों की होली, गुलाल उड़ाने से पहले चढ़ेगा भक्ति का रंग, संस्कारधानी में कायम उत्सव और आनंद की अनुठी परम्पराएं

2 min read
Google source verification
holika dahan 2018 pooja vidhi muhurat in india

holika dahan 2018 pooja vidhi muhurat in india

जबलपुर. संस्कारधानी में होली के उत्सव और आनंद की वर्षों पुरानी सांस्कृतिक परम्पराएं प्रचलित है। बुजुर्गों के पदचिन्हों पर चलकर नई पीढ़ी भी आपसी प्रेम, सामाजिक समरसता को बढ़ाने में भूमिका निभा रही है। जबलपुर में होलिका दहन से पूर्व उसका विधिवत पूजन वंदन किया जाता है। इसके बाद उसमें आग लगाई जाती है। आग जलने के बाद लोग उस अग्रि के फेरे लगाते हैं। ऐसी मान्यता है कि होलिका की अग्रि उनकी दरिद्रता दूर कर देती है और धन धान्य व समृद्धि का आगमन होने लगता है।

वहीं घरों से पहले मंदिरों में फूलों की होली में लोग शामिल होंगे। अबीर गुलाल से पहले लोग भक्ति के रंग डूब जाएंगे। अनुठे आयोजन के साथ फाग गीत, भजन कीर्तन की धुन गूंजेगी। वहीं बाजार में होली के लिए रंग-गुलाल, पिचकारी आदि की खरीददारी खूब हो रही है। होलिका दहन के लिए प्रतिमाएं भी बाजार में आ गईं हैं। शहर के प्रमुख मंदिरों में फूलों की होली होगी। आश्रमों में शिष्य मंडली गुरुओं से आशीर्वाद प्राप्त करेगी। मंदिरों में संध्या बेला में भजन कीर्तन होंगे। एक मार्च को होलिका दहन और दो मार्च को धुरेड़ी है। आयोजनों का सिलसिला रंग पंचमी छह मार्च तक जारी रहेगा।

होला महल्ला और संत समागम
गुरुद्वारा ग्वारीघाट में होला महल्ला और संत समागम का भक्तिमय कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम में दूसरे शहरों के लोग भी आनंदित होंगे। प्रबंध समिति के नरन्दिर सिंघ ने बताया कि ४० सदस्यों के साथ आ रहे बाबा प्रीतपाल सिंघ, श्री दरबार साहिब अमृतसर के निष्काम सेवक रागी तजिंदर सिंघ दोपहर एक बजे से शाम चार बजे तक ओज और भक्तिमय प्रस्तुति से सभी को सराबोर करेंगे।

महिलाएं खेलेंगी फूलों की होली
श्रीराम मंदिर मदन महल में स्वर्ण जयंती वर्ष के मौके पर गुरुवार शाम चार बजे महिला मंडल फूलों की होली खेलंेगी। सैकड़ों महिलाएं भजन-कीर्तन करेंगी।

महिलाएं भी रखेंगी दूल्हे का रूप

गुंजन कला सदन के तत्वावधान में २५वां रसरंग महोत्सव मनाया जा रहा है। शहीद स्मारक गोलबाजार में गुरुवार शाम ६.३० बजे होलिका दहन होगा। इसके पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिसमें पुरुष-महिलाएं सभी को मुकुट माला पहनाकर दूल्हा का स्वरूप दिया जाता है। कत्थक नृत्य की प्रस्तुति के बीच ब्रज की होली होगी। आयोजन समिति के हिमांशु तिवारी, अभय पचौरी, विक्की सोनी, नितिन भाटिया, मनोरमा तिवारी, इंदिरा पाठक, कौशिल्या गोंटिया ने बैठक में आयोजन की रूपरेखा तय की।

गढ़ा में हंसी के फवारे
गचगेंधा सम्मेलन आयोजन समिति गढ़ा के तत्वावधान में चार मार्च रात आठ बजे से आयोजन शुरू होगा। राष्ट्रीय स्तर के कवि सरदार मंजीत सिंह मेरठ, सुरेश अवस्थी कानपुर, व्यंजना शुक्ला लखनऊ, मनोहर मनोज कटनी, गोविन्द व्यास दिल्ली, नम्रता नम्र भोपाल और जबलपुर के शेख निजामी प्रस्तुति देंगे।

वृंदावन की तर्ज पर
हरे कृष्णा आश्रम भेड़ाघाट में दो मार्च शाम चार बजे संतों के सान्निध्य में फूलों की होली होगी। भक्तिमय फाग गीत की प्रस्तुति के बाद भगवान का भोग और भंडारे का आयोजन होगा।

शाम को निकालेंगे संकीर्तन यात्रा
श्री चैतन्य महाप्रभ संकीर्तन मंडल के लोग गुरुवार शाम चार बजे गोपाल लालजी मंदिर में सुंदरकांड पाठ करेंगे। इसके बाद शोभायात्रा, संकीर्तन यात्रा निकाली जाएगी।

ये भी पढ़ें

image