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सौ वर्ष पुराने पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी, रातों-रात गायब कर दी गईं लकडिय़ां

कटंगा रोड स्थित एक ट्रस्ट की भूमि पर लगे सौ वर्ष पुराने पेड़ों पर कुल्हाड़ी चली है

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hundred years old tree cuted

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जबलपुर। कटंगा रोड स्थित एक ट्रस्ट की भूमि पर लगे करीब सौ वर्ष पुराने पेड़ों पर कुल्हाड़ी चली है। ये पेड़ गिरा दिए गए हैं और रातो-रात इन पेड़ों की लकड़ी गायब कर दी गई। एक्सपोज छानबीन में यह सामने आया कि ट्रस्ट की इस भूमि पर छंटाई के नाम पर पेड़ों की बलि दी गई है। पेड़ कटवाने वाले ठेकेदार को नगर निगम प्रशासन ने अल्टीमेटम भी दिया था, लेकिन उसके बाद भी यहां पेड़ों को जड़ समेत गिरा दिया गया। पेड़ों की कटाई के मामले में उदासीन बने नगर निगम ने गत दिनों हुए एेसे हादसों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।


निकली लकड़ी गायब कर दी गई
हाउबाग कॉलेज के सामने जॉनसन स्कूल के पीछे खाली पड़े भूखंड पर करीब बीस पेड़ों को गिरा दिया गया है। इनमें से करीब पांच पेड़ एेसे थे, जो करीब सौ वर्ष पुराने थे। जानकारों का कहना है कि इस भूमि पर पेड़ों की कटाई और निर्माण कार्य को लेकर नगर निगम ने कटाई ठेकेदार नोटिस भी दिया था। नोटिस के बाद भी यहां आनन-फानन में कटाई की गई और उससे निकली लकड़ी गायब कर दी गई।


छटाई के बाद पेड़ के तने को काटा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि ग्राउंड के बीच में लगे भारी भरकम पेड़ों की छटाई करके पहले बड़ी शाखाएं गिराई और उसके बाद तने को आरा से काट दिया गया है। यहां ग्राउंड में प्रवेश करते ही पुराने क्वार्टरों के समीप लगे भारी भरकम पेड़ के एक भाग के तने को काट दिया गया है जबकि इस तने का भाग ग्राउंड की ओर था।


बस्ती की ओर का भाग छोड़ा
मौके पर यह स्थिति थी इस पेड़ का जो भाग बस्ती की ओर था, उसे छोड़ दिया गया है। यह तना करीब पांच मीटर घेरे की साइज का था। यहां कटे हुए तने के टुकड़े पड़े हुए हैं, जो करीब पांच-छह मीटर के थे।


ग्राउंड में तने का कुछ हिस्सा बचा
गाउंड में लगे भारी भरकम पेड़ को पूरी तरह काटने की तैयारी थी। इसमें पेड़ की शाखाएं काटकर गायब कर दी गई हैं। इस पेड़ का करीब पन्द्रह फीट का हिस्सा सिर्फ बचा है। इस तने को भी नीचे से काटा जा रहा है। तने के निचले हिस्से में आरा चलाए जाने के निशान हैं।


लकड़ी बीन कर ले गए मजदूर
यहां काटे गए पेड़ों में निकली सूखी लकडि़यां मजदूर ले गए हैं। मौके पर लकड़ी बीनने वाले इस लकड़ी को प्लास्टिक की बोरियों में भरते नजर आए।


निर्माण पर रोक
ट्रस्ट की इस भूमि पर कॉलोनी बनाने की तैयारी थी। यहां निर्माण के लिए गोरखपुर एसडीएम से अनुमति मांग गई थी लेकिन एसडीएम ने शिव कुमार गुप्ता वास्ते एलसीआई कॉलोनाइजर पर निर्माण, विकास कार्य, क्रय और विक्रय पर रोक लगा दी। नगर निगम के कॉलोनी सेल ने तमाम जांचों के बाद २४ जुलाई को ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया है।
ये पेड़ किसकी अनुमति से काटे जा रहे हैं?
ये तो गुप्ता जी ने कहा है।
गुप्ताजी कौन है?
ठेकेदार हैं।
कहां हैं गुप्ता जी?
अभी नहीं आए हैं, सुबह बस आते हैं।
लकड़ी काटने की कोई अनुमति है तुम्हारे पास?
हमारे पास नहीं है।
तो फिर कैसे पेड़ काट रहे हो?
गांव में काटते थे तो यहां भी काटने लगे हैं।
कितने पेड़ काट दिए हैं?
यहां दो बड़े हैं और छोटे तो बहुत सारे थे।


ये हो चुके हैं मामले
भंवरताल में कल्चर स्ट्रीट के निर्माण में सौ वर्ष से पुराने पेड़ों को काट दिया गया। यह मामला नगर निगम के सदन में भी उठाया गया था लेकिन उसके बाद कुछ भी नहीं हो सका, जबकि यहां एक नर्सरी थी।
मेडिकल के सामने नेहरू कॉलोनी के उद्यान में लगे करीब २५ पेड़ों को क्षेत्र के लोगों ने कटवा दिया था। गार्डन के अंदर लगे पेड़ों को इस तरह काटने को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई करने का आश्वास दिया था लेकिन कुछ नहीं हुआ।


एक्सपर्ट ओपेनियन
व नस्पति विज्ञान के स्कॉलर राजीव पारेख ने बताया कि तने की मोटाई हर वर्ष बढ़ती है। इसमें जाइलम और फ्लोएम का घेरा बनता है। इस घेरे को गिरने या फिर नापने से पेड़ की आयु निकल आती है। प्राय: तीन से पांच मीटर तने की मोटाई हो जाए तो इसकी आयु करीब सौ वर्ष हो जाती है। यह पेड़ की किस्म पर भी निर्भर होती है।


इनका कहना है
एसडीएम गोरखपुर ने कॉलोनी विकास पर रोक लगा दी है। निगम ने कॉलोनाइजर को नोटिस देकर सोसायटी को सूचना दी है। पेड़ों की कटाई के मामले में जांच की जाएगी।
अजय शर्मा, प्रभारी, कॉलोनी सेल,
नगर निगम