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jee mains 2018 में ये रहेंगे कट आफ मार्क्स

इस बार कटऑफ पिछले साल से कम रहेगा

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iit admission: cut off marks in jee mains 2018 latest news

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जबलपुर। रविवार को देशभर में जेइइ मेंस एग्जाम हुआ। शहर के भी ११ केंद्रों में यह परीक्षा हुई। यहां तकरीबन पांच हजार विद्यार्थियों की बैठक व्यवस्था की गई, जिसमें तकरीबन ४ हजार ८५० विद्यार्थी शामिल हुए। कोऑर्डिनेटर अरविंद कुमार ठाकुर ने बताया कि परीक्षार्थियों की औसतन उपस्थिति स्टूडेंट्स ने बताया कि मैथ्स में ट्रिग्नोमेट्री, एंगल के सवाल ट्रिकी थे, जिन्हें हल करने पर बहुत सोचने पड़ा। फिजिक्स में रीजनिंग के सवाल आसान थे, लेकिन लॉजिक वाले थे। कैमिस्ट्री में केमिकल रिएक्शन वाले सवालों ने खूब उलझाया। तीन घंटे में कुल ३६० सवाल सॉल्व करने थे। एक्सपर्ट दिनेश मिश्रा ने बताया कि इस बार कटऑफ पिछले साल से कम रहेगा। यह 80 के लगभग पहुंच सकता है। दूसरी शिफ्ट में बीआर्क के पेपर के लिए एंट्रेंस टेस्ट हुआ।


कड़ी निगरानी के बीच देश के तमाम बड़े इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए जेइइ मेंस (जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम) हुआ। परीक्षा देकर बाहर निकले विद्यार्थियों ने कहा कि पेपर पिछले साल की तुलना में कठिन आया। मैथ्स के सवाल लम्बे रहे तो वहीं फिजिक्स भी ट्रिकी रही।


ऑनलाइन परीक्षा ने घटाए ऑफलाइन के कैंडिडेट्स
जानकारों की मानें तो इस बार जबलपुर के आसपास के जिलों में भी परीक्षा के ऑनलाइन सेंटर बनाए गए हैं। जिस वजह से मंडला, सतना, सागर जगहों पर रहने वाले ज्यादातर कैंडिडेट्स ने अपने ही इलाके में ऑनलाइन मोड के लिए फॉर्म भरा। इसके साथ ही जबलपुर के भी कई उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनका इंटरेस्ट ऑनलाइन मोड की ओर हो गया है। इस वजह से शहर में कम सेंटर्स बनें, क्योंकि उम्मीदवारों की संख्या इस बार डिस्ट्रीब्यूट हो गई है।

स्टूडेंट मीनल गुप्ता के मुताबिक मैथ्स कुछ कठिन थी। तीनों ही विषय में ट्रिकी सवाल पूछे गए थे। इस बार का एग्जाम पिछले बार की तुलना में थोड़ा टफ रहा। स्टूडेंट चारु बिसेन ने बताया कि फिजिक्स और मैथ मुझे कुछ कठिन लगा। मैथ थोड़ा लैंदी भी था। एग्जाम कठिन था तो हो सकता है कि कटऑफ कुछ नीचे जाए। मनीष कुशवाहा के अनुसार सवाल तो 11वीं 12वीं के कोर्स के आए थे, लेकिन उन्हें पूछने का तरीका कुछ अलग था, जिससे स्टूडेंट के बीच कंफ्यूजन हुआ।