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एके-47 की खेती, यहां ‘दफन’ हैं दर्जनों रायफलें

‘दर्जनों रायफलें दफन’ हैं

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जबलपुर. सेंट्रल ऑर्डनेंस डिपो (सीओडी) से चुराई गईं एके-47 रायफलों के मामले में रोज कई नए खुलासे हो रहे हैं। सेंट्रल ऑर्डनेंस डिपो से चुराई गईं एके-47 रायफल यहां से पाट्र्स के रूप में ले जाई जाती थीं। बाद में इसे फिर रायफलों का रूप दे दिया जाता था। इस मामले में मुंगेर पुलिस ने शुक्रवार और शनिवार को खासी कवायद की।

सीओडी से चुराई गईं एके-47 रायफलों का मामला, अब शमशेर और इमरान के गांवों में तलाश रहे हैं रायफल
पुलिस ने इमरान के मुंगेर जिले में स्थित मिर्जापुर गांव और उसके बहनोई हथियार तस्कर शमशेर के बरहद गांव में जेसीबी से खुदाई कराई। मुंगेर एसपी के साथ 200 पुलिस जवान दोनों गांवों की सर्चिंग में जुटे हैं। इस दौरान मेटल डिटेक्टर की सहायता से दोनों तस्करों के घर, बगीचे और आसपास की खुदाई करायी गई। पुलिस को एक और आरोपित बरहद निवासी इरफान की तलाश है, उसके पास भी एके-47 रायफल होने की जानकारी मिली है।

रीवा में रिटायर्ड आर्मरर पुरुषोत्तम के पैतृक गांव में मेटल डिटेक्टर से कराएगी जांच

पुलिस ने मिर्जापुर निवासी मोहम्मद लुकमान सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जबलपुर क्राइम ब्रांच की टीम भी रीवा में रिटायर्ड आर्मरर पुरुषोत्तम के पैतृक गांव में मेटल डिटेक्टर से जांच कराएगी। सूत्रों के अनुसार चुराई गई एके-47 रायफलों में से कई को शमेशर, इमरान और उनका सहयोगी इरफान जमीन में छिपा कर रखते थे। रायफलों की डीलिंग के बाद ही उसे निकाला जाता था।


मैगजीन भी सप्लाई करता था पुरुषोत्तम- इधर, क्राइम ब्रांच की रिमांड पर चल रहे रिटायर्ड आर्मरर पुरुषोत्तम से शनिवार को एक नया खुलासा हुआ। वह रायफलों के साथ मैगजीन भी चुरा कर सप्लाई करता था। सीओडी गोदाम में जमा कराई गई मैगजीन को वह मरम्मत के बाद वह उपयोग लायक बना देता था। 28 अगस्त को पुरुषोत्तम रायफलों के अलावा एक बैग में 39 मैगजीन भी लेकर गया था।