19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘इंडियन वाइल्ड बोर विश्व की अन्य प्रजातियों का जन्मदाता

दुनिया की 62 प्रजातियों में अहम स्थान: वेटरनरी विश्वविद्यालय का अनुसंधान रंग लाया

2 min read
Google source verification
'इंडियन वाइल्ड बोर विश्व की अन्य प्रजातियों का जन्मदाता

'इंडियन वाइल्ड बोर विश्व की अन्य प्रजातियों का जन्मदाता

जबलपुर. दुनिया भर में पाई जाने वाली वाइल्ड बोर की प्रजातियों के जन्म में इंडियन वाइल्ड बोर का भी अहम स्थान है। इंडियन वाइल्ड बोर के डीएनए सीक्विेंस को यूएसए ने एक्सीलेंट माना है। इस बात का खुलासा वेटरनरी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अनुसंधान और डीएनए सीक्वेंस के बाद हुआ है। अब इससे इंडियन वाइल्ड बोर का आईडेंटिटी फिकेशन हो सकेगा, वहीं प्रजातियों के कंजरवेशन के लिए अहम कदम उठाए जा सकेंगे। यूएसए की मैरीलेंड यूनिवर्सिटी के नेशनल सेंटर फॉर बोयोटैक्नोलॉजी इंफारमेशन (एनसीबीआइ) में सबमिट किए गए डीएनए सीक्वेंश से इसका पता चला है। शोध के क्षेत्र में विवि के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

62 प्रजातियां
बताया जाता है विश्व में वाइल्ड बोर की करीब 62 प्रजातियां हैं। इसमें ब्लेक, ब्राउन, रेडिस से लेकर व्हाइट वाइल्ड बोर की नवीन प्रजातियां भी हैं। अनुसंधान से पता चला कि इंडियन वाइल्ड बोर का स्थान इन 62 प्रजातियों में से बीच का है।

अफ्रीकी प्रजाति के नजदीकी
डब्ल्यूएफएच के निदेशक डॉ. बीसी सरखेल, वेटरनरी के वैज्ञानिक डॉ. काजल जाधव कहते हैं कि इंडियन वाइल्ड बोर आफ्रीका में पाई जाने वाली ससइेटेटस, फेकोसेरस की सबसे नजदीकी प्रजाति है। डीएनए सिक्वेंस के लिए दुनियाभर से वाइल्ड बोर की प्रजातियों के साथ इंडियन वाइल्डबोर के डीएनए का एनालिसिस किया गया। इसमें अत्याधुनिक तकनीक एनजीएस टैक्नालॉजी का प्रयोग किया गया। जिसमें स्पष्ट हुआ कि इंडिया के वाइल्ड बोर की प्रजाति लाखों साल पुरानी है।

यह होगा फायदा
कई देशों में वाइल्ड बोर की है मांग
खाने में होता है इनका उपयोग
शिकार पर लग सकेगा प्रतिबंध
वाइल्ड लाइफ फारेंसिक में उपयोग
स्पीशीज हो सकेगी आईडेंटीफाइड
संरक्षित की जा सकेगी प्रजाति


अमेरिका जनरल में प्रकाशन
इस दिशा में वीयू के वैज्ञानिक चार साल से अनुसंधान कर रहे थे। कान्हा टाइगर रिजर्व, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वाइल्ड बोर के डीएनए एकत्रित कर यूएसए भेजा गया था। हाल ही में इस अनुसंधान को अमेरिका जनरल टेलर ऑफ फ्रांसिस फॉर एनिमल बॉयोटैक्नोलॉजी में स्थान मिला है।

इंडियन वाइल्ड बोर का डीएनए सीक्वेंस होने से अब प्रजाति की पहचान की जा सकी है। हाल ही में इसे विवि द्वारा यूएसए भेजा गया था। इससे वाइल्ड लाइफ फारेंसिक केसो में वाइल्ड बोर की प्रजातियों को पहचानने में मदद मिल सकेगी। वन्य जीव के स्वास्थ्य की दिशा में बेहतर कार्य किए जा सकेंगे। यह विवि के लिए उपलब्धि की तरह है।
डॉ. पीडी जुयाल, कुलपति वेटरनरी विवि