
rajasthan high court : मातहत कार्मिकों के लिए सीवीसी की पूर्व अनुमति आवश्यक नहींः
जबलपुर . मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने एक मामले में याचिकाकर्ता चिकित्सक को सतना भेजने पर अंतरिम रोक लगा दी। न्यायालय ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव, आयुक्त व डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन के साथ सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर के प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 14 मार्च को नियत की गई है।
जबलपुर निवासी डॉ. मयूरा सेतिया ने याचिका दायर कर संचालक चिकित्सा शिक्षा की ओर से 17 फरवरी 2023 को जारी उस पत्र की वैधानिकता को चुनौती दी है जिसमें जबलपुर, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा, सागर व विदिशा मेडिकल कॉलेज के डीन से उनके अधीन काम करने वाले डॉक्टरों की सूची मांगी गई है। यह भी कहा कि पत्र के साथ संलग्न सूची में शामिल चिकित्सकों को सतना मेडिकल कॉलेज में ज्वाइनिंग के निर्देश दिए जाएं।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संजय वर्मा ने कोर्ट को बताया कि जबलपुर मेडिकल कॉलेज पहले से ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। उन्होंने डीन के पत्र का हवाला देते हुए बताया कि यहां 75 फीसदी डॉक्टर का स्टाफ उपलब्ध है। सतना मेडिकल कॉलेज अभी स्थापित नहीं हुआ है। ऐसे में जबलपुर से डॉक्टरों को सतना भेजना जनहित के विपरीत है। इस दौरान शासन की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने कहा कि सतना मेडिकल कॉलेज में मेडिकल स्टाफ की चयन प्रक्रिया जारी है। जनहित में ही वहां डॉक्टरों को शिफ्ट किया जा रहा है। न्यायालय ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव, आयुक्त व डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन के साथ सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर के प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
Published on:
23 Feb 2023 06:27 pm
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