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जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज ट्रैक तैयार, इलेक्ट्रिफिकेशन जारी, जल्द ट्रेनें दौडऩे की उम्मीद

आरटीआई में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने दी जानकारी25 किमी का काम अभी बाकी, 260 किमी का काम हुआ पूरा1636 करोड़ की लागत से जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज परियोजना का ट्रैक तैयार

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Nimadkheri Sanavad Railway Track

Nimadkheri Sanavad Railway Track

वीरेंद्र रजक@जबलपुर। जबलपुर को गोंदिया से जोडऩे वाली जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज परियोजना में 260 किमी का काम पूरा कर लिया गया है। कुल 285 किमी लम्बी इस रेल लाइन में अब 25 किमी की लाइन का काम बचा है। यह जानकारी दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे ने सामाजिक कार्यकर्ता संजय थूल के आरटीआई आवेदन के जवाब में दी। 1636 करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का काम अगले साल पूरा होने की उम्मीद है।

ट्रैक बिछा, इलेक्ट्रिफिकेशन जारी
लामता से समनापुर के बीच 25 किमी और कटंगी से तिरोड़ी के बीच 16 किमी का काम बचा है। लामता से समनापुर के बीच ट्रैक पूरी तरह बिछा दिया गया है। इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिफिकेशन का काम जारी है, जो इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा होने के बाद यहां सीआरएस का निरीक्षण होगा। जिसके बाद इस ट्रैक पर यात्री ट्रेन संचालित की जाएंगी।

कटंगी से तिरोड़ी में लगेगा टाइम
कटंगी से तिरोड़ी तक के 16 किमी के ट्रैक का काम पूरा होने में चार से छह माह का और समय लग सकता है। रेलवे अधिकारियों की मानें, तो यहां ट्रैक डालने का काम किया जा रहा है। उसके बाद इलेक्ट्रिफिकेशन का काम होगा। यह काम वित्तीय वर्ष 2021-22 में पूरा होगा। फिलहाल केवल नैनपुर तक ट्रेनवर्तमान में एक ट्रेन का संचालन इस ट्रैक पर किया जा रहा था, जो जबलपुर के गढ़ा रेलवे स्टेशन से नैनपुर के बीच चल रही थी। लेकिन, लॉकडाउन के चलते यह ट्रेन बंद है। इस ट्रैक के शुरू हो जाने के बाद दक्षिण भारत से उत्तर भारत की दूरी कम हो जाएगी।

मालगाड़ी दौड़ाई, सीआरएस निरीक्षण भी
15 अगस्त को लामता से समनापुर के बीच मालगाड़ी से पहला ट्रायल किया गया। रेल ट्रैक पर मालगाड़ी चलाकर पटरी का परीक्षण किया गया। इस ट्रैक पर मालगाड़ी पहले लामता फिर समनापुर स्टेशन पहुंची। इसके बाद सीआरएस ने 23 अगस्त को डीजल लोको व वेस्ट सेंट्रल रेलवे की ऑब्जर्वेशन कार से लामता से नैनपुर के बीच इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य का निरीक्षण किया था। इसके बाद इलेक्ट्रिक इंजन के जरिए नैनपुर से लामता के बीच इलेक्ट्रिफिकेशन स्पीड का भी ट्रायल किया गया।