
jabalpur metro rail
जबलपुर . महानगर का आकार ले रहे जबलपुर में सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ रहा है। व्यापार से लेकर चिकित्सा, रोजगार के लिए आसपास जिलों के लोग यहां आते हैं। मेट्रो रेल सेवा शुरू होने से कनेक्टिविटी बेहतर हो सकेगी। शहर में मेट्रो ट्रेन शुरू करने के लिए 6 साल पहले फिजिबिलटी सर्वे किया गया था। लेकिन आगे इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ है।
शहर में रेल नेटवर्क, फिर भी मेट्रो पर चर्चा नहीं
शहर में मदनमहल रेलवे स्टेशन से टेलीकॉम फैक्ट्री, जीसीएफ फैक्ट्री, वीकल व खमरिया फैक्ट्री, ग्वारीघाट, कछपुरा से अंधमूक चौराहा होते हुए गढ़ा स्टेशन, शाह नाला, अधारताल तक रेलवे का नेटवर्क है। इस पर लोकल ट्रेन भी चलाई जा सकती है। प्रदेश की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने यहां मेट्रो ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। नगरीय प्रशासन विभाग ने बताया गया था कि मेट्रो ट्रेन को लेकर 2017 में नगर में फिजिबिलटी सर्वे कराया गया था। मेट्रो रेल कार्पोरेशन के माध्यम से इसका परीक्षण कराया जाएगा। शहर की प्रमुख सड़कों में यातायात के दबाव का आकलन कर रूट तय किए जाएंगे। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, मेडिकल अस्पताल और नगर के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ शहर के विस्तार की संभावनाओं को देखते हुए डीपीआर के लिए टेंडर आमंत्रित करने की बात कही गई थी।
ये रूट थे प्रस्तावित
डुमना से ग्वारीघाट: खमरिया, वीकल, कंचनपुर, अधारताल, गोहलपुर, आईएसबीटी, संजीवनी नगर, मदनमहल, गोरखपुर, बंदरिया तिराहा, ग्वारीघाट।
बरेला से भेड़ाघाट: बिलहरी, पेंटीनाका, रेलवे स्टेशन, ब्लूम चौक, मदनमहल, मेडिकल, सगड़ा, लम्हेटा, भेड़ाघाट
शहर का विस्तार होने के साथ आबादी बढ़ रही है। सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। मेट्रो ट्रेन को लेकर जो सर्वे हुआ था, आगे उस पर काम होना चाहिए। अन्यथा यातायात की समस्या बढ़ती जाएगी।
संजय वर्मा, स्ट्रक्चर इंजीनियर व टाउन प्लानर
Published on:
08 Aug 2023 02:19 pm
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