
नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन केस से जुड़े आरोपी
जबलपुर. Fake Remadecivir Injection Case में जबलपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वो सब पता लगाया है नकली इंजेक्शन कहां खपाए गए। शेष इंजेक्शऩ कहां नष्ट किए गए। कुछ इंजेक्शऩ भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार नागरथ चैक स्थित पेट्रोल पंप से लगी सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा की जमीन पर नकली इंजेक्शन नष्ट किए गए। इतना ही नहीं मुलिस की मानें तो नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के इस खेल में मोखा का पूरा परिवार लगा था। पुलिस ने मोखा की पत्नी जसमीत मोखा, सिटी हॉस्पिटल की एडमिनिस्ट्रेटर सोनिया खत्री शुक्ला से एक-एक तथा रिमांड पर लिए गए सिटी हॉस्पिटलकर्मी देवेश चैरसिया के कब्जे से रेमडेसिविर इंजेक्शन के 2 वॉइल जप्त की है।
रिमांड पर लिए गए देवेश चौरसिया ने पूछताछ के दौरान जिस राकेश शर्मा का नाम लिया था,वह वर्तमान में इंदौर पुलिस के कब्जे में है। बताया जा रहा है कि शर्मा को ही सपन जैन के माध्यम से 15 लाख रुपए की रकम दी गई थी, जिसने नकली रेमडेसिविर की खेप शहर पहुंचाई थी। इस तरह से मोखा के बेटे हरकरण को छोड़ परिवार अन्य सभी सदस्य व इस काले कारोबार में संलग्न हॉस्पिटल के कर्मचारी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। अब पुलिस को केवल हरकरण की तलाश है। वैसे जो संकेत मिल रहे हैं उससे लगता है कि पुलिस बहुत जल्द कुछ और बड़ा पर्दाफाश करने वाली है।
Published on:
20 May 2021 01:22 pm
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